उत्तर प्रदेश

वकीलों के 245 चैंबरों पर बुलडोजर कार्रवाई, विरोध में धरना जारी

बुलडोजर कार्रवाई में वकीलों के अवैध चैंबर तोड़े जा रहे हैं। 10 बुलडोजर और 10 हाइवा तैनात हैं, जबकि 245 चैंबरों पर कार्रवाई के बीच वकील धरने पर हैं।

By अजय त्यागी 1 min read
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बुलडोजर कार्रवाई

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। बुलडोजर कार्रवाई के तहत जिला अदालत परिसर में वकीलों के अवैध चैंबरों को ध्वस्त किया जा रहा है। मौके पर 10 बुलडोजर चैंबर गिराने में जुटे हैं, जबकि मलबा हटाने के लिए 10 हाइवा लगाए गए हैं। नगर निगम ने कुल 245 चैंबरों को ध्वस्तीकरण के लिए चिह्नित किया है। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात है। दूसरी ओर, वकील सड़क पर धरने पर बैठे हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि चैंबर हटने से उनके कामकाज और रोजी रोटी पर असर पड़ेगा। रिपोर्ट लिखे जाने तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी थी। [1]    [Video]     

ध्वस्तीकरण जारी

नगर निगम की टीम हाईकोर्ट के आदेश के तहत चिह्नित अवैध निर्माणों को हटाने में जुटी है। बुलडोजर कार्रवाई से पहले संबंधित वकीलों के चैंबरों पर लाल निशान लगाए गए थे और उनकी पहचान के लिए नंबर दर्ज किए गए थे। संबंधित लोगों को नोटिस भी जारी किए गए थे। अब मौके पर बुलडोजर से चैंबर तोड़े जा रहे हैं और हाइवा के जरिए मलबा हटाया जा रहा है। इस अभियान में 245 चैंबर चिह्नित किए गए हैं। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण का काम जारी है।

वकीलों का धरना

वकीलों के चैंबर तोड़े जाने के विरोध में अधिवक्ता सड़क पर धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि वे लंबे समय से इन चैंबरों में बैठकर वकालत कर रहे हैं और इन्हें हटाए जाने से उनके पेशेवर काम पर असर पड़ेगा। वकीलों की चिंता यह भी है कि चैंबर नहीं रहने पर रोजमर्रा के कामकाज और आजीविका में परेशानी हो सकती है। अधिवक्ता चाहते हैं कि प्रशासन उनके लिए वैकल्पिक जगह की व्यवस्था करे। बुलडोजर कार्रवाई के बीच उनका विरोध जारी है और मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है।

10 बुलडोजर तैनात

वकीलों के चैंबरों के ध्वस्तीकरण के लिए मौके पर 10 बुलडोजर लगाए गए हैं। वहीं, टूटे निर्माणों का मलबा हटाने के लिए 10 हाइवा काम कर रहे हैं। नगर निगम की कार्रवाई में कुल 245 चैंबर शामिल हैं। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मशीनों से निर्माण गिराने और मलबा हटाने का काम चल रहा है। इस दौरान वकील सड़क पर बैठकर विरोध जता रहे हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि इन चैंबरों में लंबे समय से काम करने वाले वकीलों की रोजी रोटी प्रभावित हो सकती है। वे प्रशासन से वैकल्पिक कार्यस्थल उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।

रोजगार पर चिंता

वकीलों के चैंबरों को हटाए जाने से अधिवक्ताओं के कामकाज और आजीविका पर असर पड़ने की चिंता सामने आई है। वकीलों का कहना है कि वे लंबे समय से इन स्थानों पर बैठकर वकालत कर रहे हैं। चैंबर हटने के बाद उन्हें काम करने के लिए दूसरी जगह की जरूरत होगी। इस बीच नगर निगम की बुलडोजर कार्रवाई जारी है और ध्वस्तीकरण के साथ मलबा हटाने का काम भी किया जा रहा है। मौके पर 10 बुलडोजर और 10 हाइवा तैनात हैं। रिपोर्ट लिखे जाने तक सभी चिह्नित चैंबरों को हटाने की कार्रवाई जारी थी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

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