ट्रंप नॉर्वे विवाद नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने की नाराजगी से जुड़ा है। मिशिगन रैली में ट्रंप ने नॉर्वे और वहां के प्रवासियों पर तीखी टिप्पणी की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
पोर्ट ह्यूरॉन, अमेरिका। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने की नाराजगी के बीच नॉर्वे के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की और कहा कि वहां से आने वाले प्रवासियों का अमेरिका में स्वागत नहीं है। 25 अक्टूबर 2026 को मिशिगन के पोर्ट ह्यूरॉन में चुनावी रैली के दौरान दिए गए इस बयान ने ट्रंप नॉर्वे विवाद को चर्चा में ला दिया। ट्रंप ने अपनी टिप्पणी को पुरस्कार न मिलने से जोड़ा। यह रैली अगले सप्ताह होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले आयोजित की गई थी। बयान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान गया। [1] [Video]
रैली के दौरान ट्रंप ने नॉर्वे के लिए बेहद अपमानजनक शब्द इस्तेमाल किए। उन्होंने कहा कि वह कुछ देशों से आने वाले लोगों का स्वागत करेंगे, लेकिन नॉर्वे से आने वालों का नहीं, क्योंकि उन्हें नोबेल पुरस्कार नहीं मिला। ट्रंप नॉर्वे विवाद की वजह यही सीधा संबंध है, जो राष्ट्रपति ने आव्रजन पर अपनी बात रखते हुए पुरस्कार से जोड़ा। उनके बयान में नॉर्वे के नागरिकों को लेकर व्यापक टिप्पणी थी। हालांकि, इस भाषण के बाद अमेरिकी प्रशासन की ओर से नॉर्वे के प्रवासियों पर कोई नई आधिकारिक नीति लागू किए जाने का संकेत नहीं मिला।
ट्रंप ने फ्रांस में हाल के उपद्रव का संबंध भी आव्रजन से जोड़ते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कुछ देशों के लोगों को अमेरिका में आने देने पर विचार किया जा सकता है, लेकिन नॉर्वे के लोगों को लेकर उनका रुख अलग है। ट्रंप नॉर्वे विवाद में नोबेल शांति पुरस्कार का उल्लेख इसलिए अहम है, क्योंकि पुरस्कार देने वाली समिति ओस्लो में स्थित है। राष्ट्रपति की टिप्पणी ने एक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार को लेकर उनकी निजी नाराजगी और दूसरे देश के नागरिकों पर की गई टिप्पणी को एक साथ ला दिया। यह बयान आव्रजन और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की बहस में भी जुड़ गया।
ट्रंप इससे पहले भी हैती, लीबिया, सोमालिया और यमन जैसे देशों के लिए इसी तरह की अपमानजनक भाषा इस्तेमाल कर चुके हैं। नॉर्वे को लेकर उनका ताजा बयान इसी सिलसिले में आया है। ट्रंप नॉर्वे विवाद के बीच यह तथ्य भी महत्वपूर्ण है कि नॉर्वे प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद के आधार पर दुनिया के उच्च आय वाले देशों में शामिल है। नॉर्वे के सरकारी निवेश कोष ने 2026 की पहली छमाही में 1.75 ट्रिलियन नॉर्वेजियन क्रोनर का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया, जिसकी कीमत उस समय लगभग 184.3 अरब डॉलर बताई गई।
ट्रंप ने इसी महीने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने को नॉर्वे पर एक स्थायी दाग बताया था। ताजा रैली में उनकी टिप्पणी ने उस नाराजगी को फिर सार्वजनिक बहस के केंद्र में ला दिया। ट्रंप नॉर्वे विवाद का असर केवल पुरस्कार को लेकर बयान तक सीमित नहीं है, क्योंकि इसमें एक देश के नागरिकों के अमेरिका में स्वागत को लेकर भी बात कही गई। अमेरिकी प्रशासन ने नॉर्वे के प्रवासियों पर कोई नई नीति घोषित नहीं की है। नॉर्वे के विदेश मंत्रालय और नोबेल समिति के प्रतिनिधि की तत्काल प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी। इस बयान से दोनों देशों के संबंधों पर चर्चा तेज हुई है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।