Fri, 04 April 2025 10:24:37pm
पेण को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड में हुए 800 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद, बैंक के 1,58,000 जमाकर्ताओं के लिए न्याय की किरण दिखाई दे रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंक की संपत्तियों पर लगी स्थगन को हटा लिया है, जिससे जमाकर्ताओं को उनके 611 करोड़ रुपये वापस मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
घोटाले का पर्दाफाश और ईडी की कार्रवाई
2010 में, रायगढ़ जिले के पेण को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक में लगभग 800 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ। बैंक के तत्कालीन पदाधिकारियों ने आपराधिक साजिश रचते हुए बैंक के खातों में हेरफेर किया और जमाकर्ताओं के धन का दुरुपयोग किया। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में जांच शुरू की और बैंक की संपत्तियों को जब्त किया।
कानूनी लड़ाई और संघर्ष समिति का प्रयास
बैंक की संपत्तियों की बिक्री पर लगी स्थगन के कारण जमाकर्ताओं को उनके धन की वापसी में देरी हो रही थी। 'पेण अर्बन बैंक संघर्ष समिति' ने 2017 से न्याय के लिए लगातार संघर्ष किया, जिसमें मोर्चे, आंदोलन, उपवास और रस्ता रोको जैसे कदम शामिल थे। अंततः, सुप्रीम कोर्ट ने 3 दिसंबर 2024 को ईडी को संपत्तियों की बिक्री पर लगी स्थगन हटाने का निर्देश दिया।
जमाकर्ताओं के लिए राहत की खबर
ईडी द्वारा स्थगन हटाने के बाद, बैंक की संपत्तियों की बिक्री से प्राप्त धनराशि जमाकर्ताओं को लौटाई जाएगी। इससे 1,58,000 जमाकर्ताओं को उनके 611 करोड़ रुपये वापस मिलने की उम्मीद है। इस निर्णय से उन जमाकर्ताओं को बड़ी राहत मिली है, जो पिछले 14 वर्षों से अपने धन की वापसी की प्रतीक्षा कर रहे थे।
संघर्ष समिति की प्रतिक्रिया
'पेण अर्बन बैंक संघर्ष समिति' के अध्यक्ष नरेन जाधव ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा, "तब्बल 14 वर्षांच्या संघर्षानंतर पेण अर्बन बँक संघर्ष समितीच्या लढ्याला यश आले आहे।" इससे जमाकर्ताओं में न्याय की उम्मीद जगी है।
ED, Mumbai restituted immovable properties worth Rs. 289.54 Crore to Competent Authority, MPID appointed by Government of Maharashtra in the case of M/s Pen Co-operative Urban Bank Ltd.
— ED (@dir_ed) January 17, 2025