Fri, 04 April 2025 09:52:02pm
पश्चिम बंगाल के मिदनापुर मेडिकल कॉलेज में प्रसव के बाद एक महिला की मौत के मामले में 12 डॉक्टरों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यह घटना राज्य में चिकित्सा लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
घटना का विवरण
8 जनवरी 2025 को, मिदनापुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पांच गर्भवती महिलाओं का सीजेरियन ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद, सभी महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान उन्हें 'एक्सपायर्ड' अंत:शिरा द्रव (आईवी फ्लूड) चढ़ाया गया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। दुर्भाग्यवश, गरबेटा थाना क्षेत्र की निवासी ममता रुईदास की मौत हो गई, जबकि अन्य चार महिलाओं का इलाज जारी है।
सरकारी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मिदनापुर मेडिकल कॉलेज के 12 डॉक्टरों को निलंबित कर दिया है, जिनमें अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक और उप-प्राचार्य (एमएसवीपी), आरएमओ, विभाग प्रमुख, एक वरिष्ठ रेजिडेंट और छह स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर शामिल हैं। इसके साथ ही, उन्होंने सीआईडी जांच के आदेश दिए हैं और मृतक के परिवार को 5 लाख रुपये मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।
कानूनी कार्रवाई
कोतवाली पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें 105 (गैर इरादतन हत्या), 125 बी (मानव सुरक्षा को खतरे में डालना) और 198 (लोक सेवक द्वारा चोट पहुंचाना) शामिल हैं। गैर इरादतन हत्या एक गैर-जमानती धारा है, जिसके लिए जुर्माना या 10 साल की कैद हो सकती है।
जांच समिति का गठन
स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले की जांच के लिए 13 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है, जिसमें विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हैं। समिति ने अस्पताल का दौरा किया और प्रारंभिक जांच में पाया कि सर्जरी के दौरान वरिष्ठ डॉक्टरों की अनुपस्थिति में प्रशिक्षु डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया, जो प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।
प्रशिक्षु डॉक्टरों पर प्रतिबंध
घटना के बाद, स्वास्थ्य विभाग ने मिदनापुर मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षु डॉक्टरों द्वारा सर्जरी करने पर रोक लगा दी है। अब सभी सर्जिकल प्रक्रियाएं केवल वरिष्ठ डॉक्टरों की निगरानी में ही की जाएंगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से स्वास्थ्य मंत्री के पद से इस्तीफा देने की मांग की है। वहीं, मृतक के परिवार ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया
मिदनापुर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल मौसमी नंदी ने कहा कि मरीजों को हरसंभव चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। वहीं, अस्पताल के सुपर जयंत राउत ने चिकित्सा में लापरवाही के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक प्रसूता की मौत हुई है, बाकी मरीजों का इलाज जारी है।
मिदनापुर मेडिकल कॉलेज में हुई इस दुखद घटना ने चिकित्सा प्रणाली की खामियों को उजागर किया है। सरकार की त्वरित कार्रवाई और जांच समिति के गठन से उम्मीद है कि दोषियों को सजा मिलेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।
STORY | Woman's death in Bengal hospital: 12 suspended medics charged with culpable homicide
— Press Trust of India (@PTI_News) January 18, 2025
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