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महिला स्टार्टअप्स भारत को बना रहे वैश्विक आर्थिक शक्ति



अजय त्यागी 2025-02-04 12:28:25 सरकारी नीतियां

महिला स्टार्टअप्स भारत को बना रहे वैश्विक आर्थिक शक्ति
महिला स्टार्टअप्स भारत को बना रहे वैश्विक आर्थिक शक्ति
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भारतीय महिला उद्यमिता का वैश्विक उदय

भारत में महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप अब वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही में कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में भारतीय महिलाएं विकासशील क्षेत्रों में तेजी से नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि महिला उद्यमिता भारत के "विकसित भारत लक्ष्य" को साकार करने का एक सशक्त माध्यम बन रही है।


महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की रणनीति

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और नीतियों के कारण देश में महिलाओं का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से फल-फूल रहा है। सरकार महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता, स्किल डेवलपमेंट, मेंटरशिप प्रोग्राम और स्टार्टअप इंडिया योजना जैसी पहलों को बढ़ावा दे रही है।

✅ प्रमुख सरकारी योजनाएँ और पहल:

स्टार्टअप इंडिया मिशन – महिलाओं के स्टार्टअप को पंजीकरण और टैक्स बेनिफिट्स में छूट।
मुद्रा योजना – महिला उद्यमियों को बिना गारंटी के लोन की सुविधा।
महिला ई-हाट – महिला उद्यमियों के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म।
नारी शक्ति पुरस्कार – उल्लेखनीय महिला उद्यमियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान।


भारतीय महिला स्टार्टअप्स का अंतरराष्ट्रीय प्रभाव

भारत में महिलाओं द्वारा स्थापित एग्री-टेक, फिनटेक, हेल्थ-टेक, ई-कॉमर्स और AI-बेस्ड स्टार्टअप्स आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश आकर्षित कर रहे हैं। 2024 में भारतीय महिला उद्यमियों द्वारा स्थापित 10% से अधिक स्टार्टअप्स ने विदेशी निवेश प्राप्त किया।

आंकड़े जो बताते हैं महिलाओं की सफलता:

1) 30% से अधिक स्टार्टअप्स महिलाओं द्वारा स्थापित।
2) 85% महिला उद्यमियों ने सरकार की स्टार्टअप योजनाओं का लाभ उठाया।
3) 75% महिला स्टार्टअप्स ग्रामीण और टियर-2 शहरों से।


महिला स्टार्टअप्स की सफलता की प्रेरणादायक कहानियाँ

1) नयना शर्मा (AI हेल्थटेक स्टार्टअप संस्थापक): उनके स्टार्टअप ने मात्र 3 वर्षों में 500+ अस्पतालों में AI-सक्षम हेल्थ सॉल्यूशंस प्रदान किए।
2) पूजा मेहता (ग्रीन टेक उद्यमी): उनकी कंपनी इको-फ्रेंडली पैकेजिंग में अग्रणी बनी और कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के साथ साझेदारी की।
3) रिया चौधरी (फिनटेक इनोवेटर): उनकी डिजिटल पेमेंट कंपनी ने 1 मिलियन+ ग्राहकों तक अपनी पहुँच बनाई।


विशेषज्ञों की राय और भविष्य की संभावनाएँ

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में महिलाओं द्वारा संचालित स्टार्टअप्स अगले 5 वर्षों में 50% की वृद्धि दर्ज कर सकते हैं।

स्टार्टअप इंडिया के विशेषज्ञ डॉ. अरविंद वर्मा का कहना है,
"सरकार की पहल और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से भारत दुनिया में महिला उद्यमिता का केंद्र बन सकता है।"


महिलाओं द्वारा संचालित स्टार्टअप भारत की आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और नवाचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार द्वारा निरंतर समर्थन और महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास के कारण, भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम नया कीर्तिमान स्थापित करने की ओर बढ़ रहा है।