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राजस्थान में फरवरी में बढ़ती गर्मी और पश्चिमी विक्षोभ की संभावना: जानिए आगामी मौसम का हाल



अजय त्यागी 2025-02-17 01:37:24 मौसम

प्रतीकात्मक फोटो : Internet
प्रतीकात्मक फोटो : Internet
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राजस्थान में फरवरी माह के मध्य में ही गर्मी का अहसास होने लगा है, जिससे प्रदेशवासियों में चिंता बढ़ गई है। हालांकि, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कुछ राहत की उम्मीद जताई है।

फरवरी में बढ़ती गर्मी
राजस्थान में फरवरी के मध्य में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के 20 शहरों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। उदाहरण के लिए, रविवार को बाड़मेर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान संगरिया में 8.5 डिग्री सेल्सियस रहा। 

राज्य के विभिन्न शहरों में तापमान
राज्य के कई जिलों में अब गर्मी का एहसास हो रहा है। रविवार को बाड़मेर में 35 डिग्री सेल्सियस, जालौर और जैसलमेर में 34, चित्तौड़गढ़ में 33.6, जोधपुर में 32.9, आबू रोड में 32.6, डूंगरपुर में 33.5, भीलवाड़ा में 32.4, अजमेर में 32.2, नागौर में 31.9, प्रतापगढ़ में 31.3, डबोक में 31, बीकानेर में 30.9, फलोदी में 30.8, दौसा में 30.5, धौलपुर में 30.4, वनस्थली में 30.2, चूरू और कोटा में 30.1 और लूणकरणसर में 30 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। 

पश्चिमी विक्षोभ और संभावित बारिश
मौसम विभाग के जयपुर केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि आगामी 48 घंटों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री और बढ़ोतरी होने की संभावना है। 18 से 20 फरवरी के दौरान पश्चिमी विक्षोभ के असर से पश्चिमी और उत्तरी भागों में कहीं-कहीं बादल छाए रहेंगे। इस बीच बीकानेर और जयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की बारिश बूंदाबांदी होने की संभावना है। 

मौसम का पूर्वानुमान
मंगलवार को भरतपुर और जयपुर में कहीं-कहीं हल्की वर्षा की संभावना है। वहीं, बीकानेर में कहीं-कहीं हल्की वर्षा की संभावना है। 19 और 20 फरवरी को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होगी। आईएमडी के मुताबिक इस दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, बीकानेर और जोधपुर संभाग में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 

फरवरी में बढ़ती गर्मी और पश्चिमी विक्षोभ के कारण संभावित बारिश, दोनों ही प्रदेशवासियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। गर्मी से राहत के लिए बारिश की आवश्यकता है, लेकिन अत्यधिक गर्मी से फसलों और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ सकता है। इसलिए, मौसम विभाग की सलाहों का पालन करना और आवश्यक सावधानियां बरतना आवश्यक है।