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चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में बड़ा हादसा टला: आरपीएफ जवान की सतर्कता से बची जान



अजय त्यागी 2025-02-17 05:33:21 महाराष्ट्र

आरपीएफ जवान की सतर्कता से बची जान
आरपीएफ जवान की सतर्कता से बची जान
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मुंबई के अंधेरी रेलवे स्टेशन पर रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिर गया। इस दौरान, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) पहुप सिंह की तत्परता से यात्री की जान बच गई। यह घटना प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर लोक शक्ति एक्सप्रेस के प्रस्थान के समय हुई।

घटना का विवरण
रविवार को अंधेरी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर लोक शक्ति एक्सप्रेस ट्रेन अहमदाबाद के लिए रवाना हो रही थी। इसी दौरान, 40 वर्षीय राजेंद्र मांगीलाल, जो अंधेरी के सेवन बंगलो क्षेत्र के निवासी हैं, चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। चढ़ते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वे ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच की खाली जगह में गिर गए। यह पूरी घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई।

आरपीएफ जवान की तत्परता
ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के एएसआई पहुप सिंह ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझा और तेजी से कार्रवाई की। उन्होंने तुरंत दौड़कर राजेंद्र मांगीलाल को पकड़कर सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर खींच लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। उनकी इस तत्परता और साहसिक कदम की सराहना की जा रही है।

यात्री का बयान
बचाव के बाद, राजेंद्र मांगीलाल ने बताया कि उन्हें अहमदाबाद जाना था और उनके पास लोक शक्ति एक्सप्रेस का टिकट था। प्लेटफॉर्म पर पहुंचने पर ट्रेन चल चुकी थी, लेकिन समय की कमी के कारण उन्होंने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया। इस प्रयास में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गिर गए। उन्होंने आरपीएफ कर्मी पहुप सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता के कारण उनकी जान बची।

सुरक्षा के प्रति जागरूकता
इस घटना के बाद, रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है। आरपीएफ के जवानों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया, लेकिन यात्रियों की सावधानी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

अंधेरी रेलवे स्टेशन पर हुई इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि रेलवे सुरक्षा बल के जवानों की तत्परता और सतर्कता से यात्रियों की जान बचाई जा सकती है। हालांकि, यात्रियों की जिम्मेदारी है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।