Fri, 04 April 2025 09:56:41pm
कानपुर में एक सेवानिवृत्त हेड कांस्टेबल के साथ साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पेंशन अपडेट करने के बहाने ठगों ने उनके बैंक खाते से 10 लाख रुपये उड़ा लिए। यह घटना साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी और ठगों की नई-नई तरकीबों को उजागर करती है।
घटना का विवरण:
चकेरी के आदर्श विहार कोयलानगर निवासी रंजीत सिंह, जो पिछले साल अगस्त में लखनऊ से हेड कांस्टेबल पद से सेवानिवृत्त हुए थे, अपनी पेंशन के लिए सितंबर माह में कागजात जमा करने लखनऊ गए थे। 19 दिसंबर 2024 को उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस के पेंशन विभाग का कर्मचारी बताया। उसने रंजीत सिंह से उनके बैंक खाते समेत अन्य निजी जानकारी हासिल कर ली और एक मोबाइल नंबर दिया, जिसे मिलाकर जानकारी अपडेट करने को कहा, ताकि पेंशन चालू हो सके।
मोबाइल हैक और धनराशि की चोरी:
निर्देशानुसार, रंजीत सिंह ने दिए गए नंबर पर कॉल किया, जिससे उनका मोबाइल 15 से 20 मिनट के लिए हैंग हो गया। जब उन्होंने मोबाइल को बंद कर दोबारा चालू किया, तो उनके खाते से करीब 10 से 12 बार में 10 लाख रुपये निकलने के मैसेज आए। बैंक से जानकारी करने पर पता चला कि ऑनलाइन रकम ट्रांसफर की गई है।
पुलिस में शिकायत और जांच:
रंजीत सिंह ने तुरंत चकेरी थाने और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी संतोष कुमार शुक्ला ने बताया कि मामला दर्ज कर साइबर सेल की मदद से आरोपियों की तलाश की जाएगी।
साइबर ठगी से बचने के उपाय:
साइबर अपराध की शिकायत कहां करें:
यह घटना साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। सेवानिवृत्त हेड कांस्टेबल रंजीत सिंह के साथ हुई इस ठगी से यह स्पष्ट होता है कि साइबर अपराधी पेंशनधारकों को निशाना बना रहे हैं। इसलिए, सभी नागरिकों को सतर्क रहकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखनी चाहिए।