Fri, 04 April 2025 10:25:56pm
झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग गुप्ता ने हाल ही में एक सख्त आदेश जारी किया है, जिसका उद्देश्य पुलिस बल में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को बढ़ावा देना है। यह आदेश उन पुलिसकर्मियों को चिन्हित करने के लिए जारी किया गया है, जो अपने कर्तव्यों का सही तरीके से पालन नहीं कर रहे हैं या जिनके संबंध माफियाओं और अपराधियों से जुड़े हैं।
पुलिस की छवि सुधारने की आवश्यकता
झारखंड पुलिस पर अक्सर आरोप लगते रहे हैं कि कई पुलिसकर्मी ड्यूटी से गायब रहते हैं, जबकि कुछ भू-माफियाओं और अपराधियों से मिलीभगत रखते हैं। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, DGP गुप्ता ने पुलिस की छवि को सुधारने और जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है।
सात बिंदुओं पर होगी जांच
DGP अनुराग गुप्ता ने सात प्रमुख बिंदुओं के आधार पर पुलिसकर्मियों की जांच रिपोर्ट मांगी है:
जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश
पुलिस मुख्यालय ने राज्य भर के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे पुलिसकर्मियों की पहचान कर रिपोर्ट तैयार करें। यह रिपोर्ट पुलिस बल में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार की जाएगी।
पुलिस विभाग में खलबली
इस आदेश के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई है। कई पुलिसकर्मी, जो लापरवाह रहे हैं या जिन पर संदेह है, अब खुद को बचाने के प्रयास में लगे हुए हैं। वहीं, ईमानदार और कर्तव्यपरायण पुलिसकर्मियों ने इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि इससे पुलिस विभाग में पारदर्शिता और अनुशासन बढ़ेगा।
जनता की उम्मीदें
झारखंड की जनता इस पहल से आशान्वित है कि पुलिस विभाग में सुधार होगा और कानून व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा। DGP अनुराग गुप्ता के इस कदम से पुलिस बल में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को बढ़ावा मिलेगा, जिससे जनता का विश्वास पुलिस पर और मजबूत होगा।
DGP अनुराग गुप्ता द्वारा जारी यह सख्त आदेश झारखंड पुलिस में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल पुलिस बल में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जनता का विश्वास भी पुलिस पर और मजबूत होगा। अब देखना यह है कि इस आदेश का प्रभाव जमीन पर कितना दिखाई देता है और पुलिस विभाग में कितनी पारदर्शिता और सुधार होता है।