Fri, 04 April 2025 09:53:07pm
♦ दूरसंचार विभाग (DoT) ने साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के लिए उठाए कड़े कदम
डिजिटल क्रांति के युग में भारत सरकार ने दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने और साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए टेलीकॉम कानून 2023 को लागू किया है। इस नए कानून के तहत, फर्जी सिम कार्ड लेने, टेलीकॉम संसाधनों के साथ छेड़छाड़ करने या इन्हें अवैध रूप से इस्तेमाल करने पर तीन साल तक की सजा और 50 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
टेलीकॉम संसाधनों के दुरुपयोग के बढ़ते मामले
DoT ने चेतावनी दी है कि ऐसे अपराध न केवल दूरसंचार कानून 2023 के तहत दंडनीय हैं बल्कि यह भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत भी गंभीर अपराध माने जाएंगे।
टेलीकॉम कानून 2023: कठोर दंड का प्रावधान
नए कानून के तहत निम्नलिखित प्रावधान किए गए हैं:
सजा: तीन साल तक की जेल, 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों।
फर्जी सिम कार्ड और साइबर अपराध के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
टेलीकॉम कानून लागू होने के बाद देशभर में साइबर अपराध और फर्जी सिम कार्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
नागरिकों के लिए सरकार की सख्त चेतावनी
दूरसंचार विभाग (DoT) ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि वे:
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने साइबर अपराध और ड्रग ट्रैफिकिंग में फर्जी सिम कार्ड के इस्तेमाल पर गहरी चिंता जताई है।
गृहमंत्री अमित शाह ने एक पोस्ट में कहा, "भारत सरकार साइबर अपराध और ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, भारत को नशा और साइबर धोखाधड़ी से मुक्त बनाना हमारा संकल्प है।"
डिजिटल सुरक्षा की ओर बड़ा कदम
टेलीकॉम कानून 2023 के तहत उठाए गए ये कड़े कदम भारत में डिजिटल सुरक्षा को सुदृढ़ करेंगे और साइबर अपराधों पर लगाम लगाएंगे। सरकार की इस कार्रवाई से न केवल आम नागरिक सुरक्षित रहेंगे, बल्कि भारत का डिजिटल और दूरसंचार तंत्र भी अधिक मजबूत होगा।