Fri, 04 April 2025 09:53:09pm
राजस्थान के बीकानेर जिले में एक हृदयविदारक घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया। एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाते हुए दोषी को 10 साल की सजा और 1 लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। साथ ही, पीड़िता को 7 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है।
दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग की भयावह वारदात
बीकानेर के देशनोक थाना क्षेत्र में यह घटना घटित हुई, जहां कुछ युवकों ने एक 16 वर्षीय लड़की को नशीला पदार्थ खिलाकर उसकी अश्लील तस्वीरें खींचीं। इसके बाद, इन तस्वीरों के माध्यम से उसे ब्लैकमेल किया गया और दुष्कर्म जैसी घिनौनी हरकत को अंजाम दिया गया।
एफआईआर दर्ज: दो आरोपी नामजद
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की, जिसमें दो युवकों को नामजद किया गया। जांच के दौरान, एक आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया गया, जबकि दूसरे आरोपी योगेश पुत्र जयनारायण मेघवाल, निवासी अमरसिंहपुरा को दोषी पाया गया।
पोक्सो कोर्ट का कड़ा फैसला
पोक्सो कोर्ट के सेशन न्यायाधीश विश्वबंधु की अदालत ने आरोपी योगेश को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही, उस पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
पीड़िता को मिलेगा 7 लाख रुपये का मुआवजा
अदालत ने विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि पीड़िता को 6 लाख रुपये प्रतिकर के रूप में प्रदान किए जाएं। इसके अलावा, कुल 7 लाख रुपये की राशि नाबालिग पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाएगी, जिससे उसकी मानसिक और शारीरिक पीड़ा को कुछ हद तक कम किया जा सके।
वरिष्ठ अधिवक्ता ओ. पी. हर्ष की प्रभावी पैरवी
इस मामले में पीड़िता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ओ. पी. हर्ष ने प्रभावी पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप दोषी को सजा दिलाने में सफलता मिली। उनकी मेहनत और समर्पण ने न्याय की इस लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समाज के लिए एक सख्त संदेश
यह फैसला समाज में एक सख्त संदेश देता है कि महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों को कानून के तहत कड़ी सजा मिलेगी। न्यायालय का यह निर्णय पीड़ितों को न्याय दिलाने में एक महत्वपूर्ण कदम है और समाज में अपराधियों के लिए एक चेतावनी भी।