Fri, 04 April 2025 09:57:51pm
मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में एक भयावह घटना घटी, जिसने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया। एक युवक के अपहरण और हत्या के बाद जब पुलिस उसे बचाने पहुँची, तो उन पर जानलेवा हमला कर दिया गया। इस हिंसक झड़प में एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आइए, इस पूरी घटना को विस्तार से समझते हैं।
घटना का बैकग्राउंड: कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
करीब दो महीने पहले गड़रा गाँव के आदिवासी युवक अशोक कुमार की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। लेकिन अशोक के परिवारवालों ने इसे महज हादसा मानने से इनकार कर दिया और सनी द्विवेदी नामक युवक को इसका जिम्मेदार ठहराया। पुलिस ने जांच में इसे एक सामान्य दुर्घटना बताया, मगर अशोक के परिजन इससे संतुष्ट नहीं थे।
होली के दिन मौत का खेल: युवक का अपहरण और हत्या
होली के दिन, अशोक के परिजनों ने अपने शक के आधार पर सनी द्विवेदी को पकड़ लिया। उन्होंने उसे न केवल अगवा किया, बल्कि बेरहमी से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी।
जब पुलिस को इसकी सूचना मिली, तो शाहपुर थाना प्रभारी संदीप भारतीय अपनी टीम के साथ तुरंत गड़रा गाँव पहुँचे, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और शव को बरामद किया जा सके।
STORY | MP: Cop killed after mob attacks police team trying to rescue man, who too dies
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पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, एएसआई की शहादत
जैसे ही पुलिस टीम सनी द्विवेदी के शव को कब्जे में लेकर आरोपियों को गिरफ्तार करने लगी, गाँव के आदिवासियों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने पुलिस पर अचानक हमला कर दिया। लाठी-डंडों और पत्थरों से पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया, जिसमें एएसआई रामचरण गौतम गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस हिंसक झड़प में थाना प्रभारी संदीप भारतीय, तहसीलदार कुंवारे लाल पनिका, एएसआई बृहस्पति पटेल, एसडीओपी अंकिता सूल्या समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पुलिस की सख्त कार्रवाई: पाँच आरोपी गिरफ्तार, इलाके में तनाव
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन एक्शन में आ गया। भारी संख्या में पुलिस बल को गाँव में तैनात किया गया, ताकि कोई और अप्रिय घटना न हो। जिले के एसपी रचना ठाकुर और कलेक्टर अजय श्रीवास्तव ने मौके पर पहुँचकर हालात का जायजा लिया।
फिलहाल, पुलिस ने पाँच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त है, और पुलिस लगातार गश्त कर रही है।
न्याय और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल
मऊगंज जिले में हुई इस घटना ने समाज में बढ़ती असहिष्णुता और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर किया है। यह घटना पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ा झटका है, जिसमें उनके ही एक जांबाज अधिकारी की जान चली गई।
अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से न्याय सुनिश्चित करती है। दोषियों को सख्त सजा दिलाना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ न दोहराई जाएँ।
STORY | MP: Cop killed after mob attacks police team trying to rescue man, who too dies
— Press Trust of India (@PTI_News) March 15, 2025
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VIDEO: “A dispute occurred between two groups in Gadra village. Section 163 has been imposed here and the situation is under control right now. We appeal to… pic.twitter.com/viQ7WJXnCH