Fri, 04 April 2025 09:50:59pm
बैतूल ऑयल मिल में दो श्रमिकों की अप्रत्याशित मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। यह घटना न केवल मिल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती है, बल्कि श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति उदासीनता को भी उजागर करती है।
घटना का विवरण
15 मार्च 2025 को बैतूल जिला मुख्यालय पर स्थित बैतूल ऑयल मिल में दो कर्मचारियों के शव पानी के टैंक में पाए गए। मृतकों की पहचान दयाराम नरवरे और कैलाश पानकर के रूप में हुई है, जो मिल में मशीन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे। मिल के मैनेजर अजय कुमार मिश्रा के अनुसार, दोनों कर्मचारी देर रात तक मिल में दिखाई नहीं दे रहे थे, जिसके बाद उनकी खोजबीन शुरू की गई और उनके शव टैंक में मिले।
सुरक्षा उपायों की कमी
इस घटना ने मिल में सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर किया है। श्रमिकों के टैंक में गिरने के बावजूद तत्काल सहायता या सुरक्षा उपकरणों की अनुपस्थिति ने उनकी जान बचाने के अवसर को कम कर दिया। यह स्पष्ट नहीं है कि श्रमिक टैंक में कैसे गिरे और क्या उस समय आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे या नहीं।
परिजनों और कर्मचारियों का आक्रोश
मृतकों के परिजनों और मिल के अन्य कर्मचारियों ने इस घटना के बाद मिल प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और प्रत्येक मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए मुख्य सड़क पर चक्का जाम भी किया, जिससे प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और टैंक से शवों को बाहर निकाला। एसडीओपी शालिनी परस्ते ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि श्रमिक टैंक में कैसे गिरे और क्या उस समय सुरक्षा उपाय लागू थे या नहीं।
मिल प्रबंधन का पक्ष
मिल प्रबंधन ने दावा किया है कि घटना के समय टैंक में किसी भी प्रकार की जहरीली गैस या अन्य खतरनाक स्थिति नहीं थी। उनका कहना है कि टैंक की सफाई के दौरान यह हादसा हुआ, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि श्रमिकों के लिए सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे या नहीं।
सुरक्षा मानकों पर सवाल
इस घटना ने मिल में सुरक्षा मानकों की अनुपालन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। क्या श्रमिकों को टैंक की सफाई के दौरान आवश्यक प्रशिक्षण और उपकरण प्रदान किए गए थे? क्या मिल में आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए उचित प्रोटोकॉल मौजूद हैं? इन सवालों के जवाब मिल की कार्यप्रणाली और श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को स्पष्ट करेंगे।
बैतूल ऑयल मिल में दो श्रमिकों की मौत एक गंभीर घटना है, जो कार्यस्थल पर सुरक्षा उपायों की अनदेखी को दर्शाती है। इस घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
Betul, Madhya Pradesh: Two workers drowned in Betul Oil Mill's filter tank, triggering protests by families and employees demanding compensation and an investigation. Police are investigating how the workers ended up in the tank without safety measures pic.twitter.com/s95zd2K34t
— IANS (@ians_india) March 16, 2025