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सांगानेर में भव्य नानी बाई रो मायरो की कथा! 6 से 10 मई तक होगी अद्भुत आध्यात्मिक यात्रा



अजय त्यागी 2025-03-19 11:05:21 राजस्थान

खाखरा वाला देवता मंदिर
खाखरा वाला देवता मंदिर
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सांगानेर के खाखरा वाला देवता मंदिर में 6 से 10 मई तक 'नानी बाई रो मायरो' कथा का आयोजन होने जा रहा है, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस आयोजन में पंचकुंडीय महारूद्र यज्ञ, कलश स्थापना, कवि सम्मेलन और प्रभात फेरी संगम जैसे कार्यक्रम शामिल हैं, जो समरसता और सनातन धर्म के कल्याण का संदेश देंगे।

आयोजन की प्रमुख तिथियां और कार्यक्रम:

  • 6 मई: दोपहर 3:15 बजे कलश यात्रा का शुभारंभ होगा, जो सांगानेर राजकीय विद्यालय से शुरू होकर खाखरा वाला देवता मंदिर तक पहुंचेगी। इस यात्रा में गांव के सभी ठाकुरजी मंदिरों के बेवान आकर्षक झांकियों के साथ शामिल होंगे।
  • 7 से 9 मई: प्रसिद्ध कथा वाचक परम पूज्य राधाकृष्ण महाराज के मुखारविंद से 'नानी बाई रो मायरो' कथा का वाचन होगा। यह कथा भक्त नरसी मेहता और भगवान श्रीकृष्ण के बीच के अद्भुत संबंधों को उजागर करती है, जो भक्ति और समर्पण का प्रतीक है।
  • 8 मई: मंदिर प्रांगण के पास मैदान में कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से भक्ति और संस्कृति का प्रसार करेंगे।
  • 10 मई: प्रभात फेरी संगम और कलश स्थापना के साथ यज्ञ की पूर्णाहुति होगी। महा आरती दोपहर 12:15 बजे संपन्न होगी, जो भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी।

आयोजन की तैयारियां और बैठक:

कथा की तैयारी को लेकर समाजसेवियों की बैठक सांगानेर में खाखरा वाला देवता मंदिर पर संपन्न हुई। बुधवार को कार्यक्रम का पोस्टर विमोचन किया गया, जिसमें पुजारी श्यामलाल ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य समरसता के संदेश के साथ सनातन धर्म के कल्याण को बढ़ावा देना है। बैठक के दौरान सांगानेर गांव के सभी प्रबुद्ध लोगों ने अपने विचार रखे। अंत में समाजसेवी हरिशंकर प्रजापत ने सभी का आभार व्यक्त किया।

समारोह का महत्व:

'नानी बाई रो मायरो' कथा राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो भक्ति, समर्पण और सामाजिक समरसता का संदेश देती है। इस प्रकार के आयोजन समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं, साथ ही नई पीढ़ी को हमारी परंपराओं से जोड़ते हैं।

सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे इस पवित्र आयोजन में भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित करें और समरसता के संदेश को फैलाने में सहयोग करें।

रिपोर्ट - पंकज पोरवाल, भीलवाड़ा।