Fri, 04 April 2025 09:55:37pm
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में हाल ही में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ जिसने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। थर्मल ऐश से भरे चार टैंकरों की आपस में टक्कर के बाद लगी आग में एक चालक की मृत्यु हो गई। इस घटना ने सड़क सुरक्षा और खतरनाक सामग्रियों के परिवहन के नियमों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
हादसे का विवरण
भीलवाड़ा जिले के मुख्य राजमार्ग पर चार टैंकर, जो थर्मल ऐश से भरे हुए थे, आपस में टकरा गए। टक्कर के तुरंत बाद टैंकरों में भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्होंने आसपास के क्षेत्र को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में एक टैंकर चालक की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि अन्य चालक और सहायक समय रहते वाहन से बाहर निकलने में सफल रहे।
पुलिस और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे और अधिक नुकसान होने से बचा लिया गया। पुलिस ने मृत चालक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
हादसे के संभावित कारण
प्रारंभिक जांच के अनुसार, हादसे का मुख्य कारण टैंकर चालकों की लापरवाही और तेज गति हो सकती है। थर्मल ऐश जैसी खतरनाक सामग्री का परिवहन करते समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है, लेकिन इस मामले में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। इसके अलावा, सड़क की स्थिति और मौसम संबंधी कारक भी हादसे में योगदान कर सकते हैं।
थर्मल ऐश: एक खतरनाक सामग्री
थर्मल ऐश, जिसे फ्लाई ऐश भी कहा जाता है, थर्मल पावर प्लांट्स में कोयला जलाने के बाद बचने वाला अवशेष है। यह अत्यंत सूक्ष्म कणों से बना होता है और इसमें विषाक्त धातुएं भी हो सकती हैं। थर्मल ऐश का परिवहन विशेष टैंकरों में किया जाता है, लेकिन यदि सुरक्षा मानकों का पालन न किया जाए तो यह खतरनाक साबित हो सकता है।
सड़क सुरक्षा पर उठते सवाल
इस हादसे ने सड़क सुरक्षा और खतरनाक सामग्रियों के परिवहन के नियमों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। क्या टैंकर चालकों को उचित प्रशिक्षण दिया गया था? क्या टैंकरों की नियमित जांच की गई थी? क्या परिवहन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था? ये सभी सवाल अब जांच के दायरे में हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही, थर्मल ऐश के परिवहन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी करने पर भी विचार किया जा रहा है।
भीलवाड़ा में हुए इस दर्दनाक हादसे ने हमें सड़क सुरक्षा और खतरनाक सामग्रियों के सुरक्षित परिवहन के महत्व को एक बार फिर से याद दिलाया है। यह आवश्यक है कि सभी संबंधित पक्ष सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करें ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
Bhilwara, Rajasthan: An accident occurred, where four tankers filled with thermal ash caught fire after colliding. . The flames led to the tragic death of tanker driver. Police and the fire brigade rushed to the scene and managed to control the fire. The police have taken the… pic.twitter.com/1Ja7tS1gPB
— IANS (@ians_india) March 21, 2025