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भर्ती परीक्षाओं में नकल और डमी अभ्यर्थी मामले में SOG की बड़ी कार्रवाई, चार दबोचे



अजय त्यागी 2025-03-21 06:39:37 राजस्थान

प्रतीकात्मक फोटो - Internet
प्रतीकात्मक फोटो - Internet
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राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक के मामलों ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने हाल ही में ऐसे ही चार मामलों का पर्दाफाश किया है, जिसमें डमी उम्मीदवारों को बैठाकर परीक्षा पास करने और पेपर लीक के जरिए नौकरी हासिल करने की घटनाएं शामिल हैं।

प्रशिक्षु एसआई वीरेंद्र मीणा की गिरफ्तारी

एसओजी ने भरतपुर पुलिस लाइन से प्रशिक्षु एसआई वीरेंद्र मीणा को गिरफ्तार किया है। मूलतः सवाई माधोपुर के पट्टी कला गांव के निवासी वीरेंद्र ने एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में अपनी जगह डमी उम्मीदवार ओमप्रकाश विश्नोई को बैठाकर परीक्षा पास की थी। इसके लिए उसने ओमप्रकाश को 5 लाख रुपये का भुगतान किया था। ओमप्रकाश, जो बाड़मेर के बरूड़ी गांव का निवासी है और वर्तमान में रामजी की गोल स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में राजनीति विज्ञान के व्याख्याता के पद पर कार्यरत है, फिलहाल फरार है। वीरेंद्र की गिरफ्तारी के बाद उसे 24 मार्च तक रिमांड पर लिया गया है।

शिक्षक भर्ती परीक्षा में नकल का मामला

एसओजी ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा में डमी उम्मीदवारों के माध्यम से परीक्षा पास करने के आरोप में दो शिक्षकों को भी गिरफ्तार किया है। बाड़मेर के इटादा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक प्रवीण कुमार और मुकने का ताला स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक देवाराम ने अपनी जगह अन्य व्यक्तियों को परीक्षा में बैठाकर नौकरी हासिल की थी। जांच में उनके दस्तावेजों में फोटो और हस्ताक्षर Mismatch पाए गए, जिससे उनकी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।

वनरक्षक भर्ती परीक्षा में पेपर लीक

वनरक्षक भर्ती परीक्षा 2020 में पेपर लीक के मामले में एसओजी ने रेशमी कुमारी चिल्का को गिरफ्तार किया है, जो पहले से गिरफ्तार कांस्टेबल देवाराम की भतीजी है। रेशमी ने 5 लाख रुपये देकर परीक्षा से पहले सॉल्वड पेपर प्राप्त किया था और परीक्षा में सफलता हासिल की थी। उसे रानीवाड़ा वन नाके से गिरफ्तार किया गया है।

पुलिसकर्मियों की संलिप्तता

इस मामले में उदयपुर के तीन पुलिसकर्मियों की भी संलिप्तता सामने आई है। कांस्टेबल भींयाराम, देवाराम और कमलेश कुमार ने अपने रिश्तेदारों और महिला मित्रों को सॉल्वड पेपर पढ़ाकर नकल कराने में मदद की थी। इन पुलिसकर्मियों ने न केवल सॉल्वड पेपर उपलब्ध कराए, बल्कि अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में भी सहायता की थी। एसओजी ने इन तीनों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है।

एसओजी की सतर्कता

एसओजी के एडीजी वीके सिंह ने बताया कि इन मामलों की जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नकल और पेपर लीक के मामलों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

इन घटनाओं ने राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। डमी उम्मीदवारों के माध्यम से परीक्षा पास करना और पेपर लीक के जरिए नौकरी हासिल करना न केवल योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय है, बल्कि यह समाज में भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा देता है। प्रशासन को चाहिए कि वह ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए और परीक्षा प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाए।