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बीकानेर के अस्पतालों का कमाल! प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन से राज्य में छाए



अजय त्यागी 2025-03-21 10:36:17 स्थानीय

बीकानेर के अस्पतालों का कमाल
बीकानेर के अस्पतालों का कमाल
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बीकानेर जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत नोखा, कोलायत, कक्कू, सारुण्डा अस्पताल तथा यूपीएचसी नंबर 5 ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले में शीर्ष स्थान हासिल किए हैं। यह उपलब्धि न केवल इन अस्पतालों की कड़ी मेहनत का परिणाम है, बल्कि मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

जिला स्तरीय वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह: उत्कृष्टता का सम्मान

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अस्पतालों को सम्मानित किया गया, जिससे स्वास्थ्य कर्मियों का मनोबल और बढ़ा। यह आयोजन स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार और उत्कृष्टता की ओर प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना।

निजी गाइनेकोलॉजिस्ट का आह्वान: सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क सेवाएं देने की पहल

समारोह के दौरान, निजी क्षेत्र की गाइनेकोलॉजिस्ट को सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क सेवाएं देने का आह्वान किया गया। यह पहल सरकारी और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग को बढ़ावा देने और मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को व्यापक बनाने के उद्देश्य से की गई है। इस कदम से गर्भवती महिलाओं को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान: एक दृष्टिकोण

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को व्यापक और गुणवत्तायुक्त प्रसव पूर्व देखभाल प्रदान करना है। इस अभियान के तहत प्रत्येक माह की निश्चित नवीं तारीख को सभी गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच और परामर्श सेवाएं प्रदान की जाती हैं। इसका मुख्य उद्देश्य मातृ मृत्यु दर को कम करना और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना है।

नोखा, कोलायत, कक्कू, सारुण्डा और यूपीएचसी नंबर 5 की उपलब्धियां

इन अस्पतालों ने पीएमएसएमए के तहत गर्भवती महिलाओं को उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान की हैं। नियमित स्वास्थ्य जांच, पोषण संबंधी परामर्श, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से इन अस्पतालों ने मातृत्व स्वास्थ्य में सुधार किया है। इनके प्रयासों से गर्भवती महिलाओं में जागरूकता बढ़ी है और वे नियमित जांच के लिए प्रेरित हुई हैं।

निजी और सरकारी क्षेत्र का समन्वय: एक सफल मॉडल

निजी गाइनेकोलॉजिस्ट द्वारा सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क सेवाएं देने की पहल से स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया आयाम जुड़ा है। इस समन्वय से न केवल सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता बढ़ी है, बल्कि निजी चिकित्सकों को भी समाज सेवा का अवसर मिला है। यह मॉडल अन्य जिलों और राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकता है।

भविष्य की दिशा: सतत प्रयासों की आवश्यकता

हालांकि बीकानेर के इन अस्पतालों ने पीएमएसएमए के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, लेकिन मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार के लिए सतत प्रयास आवश्यक हैं। स्वास्थ्य कर्मियों का नियमित प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन और सरकारी-निजी साझेदारी को और मजबूत करना भविष्य में मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में सहायक होगा।