Fri, 04 April 2025 09:57:49pm
सारुकानी, सिवगंगा, तमिलनाडु: सारुकानी गांव में सेंट लुईस लेवी की 52वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक विशाल समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 3,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर बिशप आनंदम ने विशेष मास का नेतृत्व किया, और सेंट लुईस लेवी की याद में गरीबों को भोजन वितरण की परंपरा को जारी रखा गया, जो पिछले 52 वर्षों से निरंतर चली आ रही है।
सेंट लुईस लेवी: एक संत का जीवन परिचय
सेंट लुईस लेवी का जन्म 1870 में सारुकानी में हुआ था। उन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा में समर्पित किया। उनकी करुणा और सेवा भावना के कारण उन्हें संत की उपाधि से नवाजा गया। उनकी मृत्यु 1973 में हुई, लेकिन उनकी सेवा की विरासत आज भी जीवित है।
विशेष मास और बिशप आनंदम का संदेश
समारोह की शुरुआत विशेष मास से हुई, जिसका नेतृत्व बिशप आनंदम ने किया। अपने संदेश में बिशप ने सेंट लुईस लेवी के जीवन और उनकी सेवा भावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सेंट लुईस लेवी ने हमें सिखाया कि सच्ची सेवा वही है जो निस्वार्थ भाव से की जाए। बिशप ने उपस्थित जनसमूह से आग्रह किया कि वे सेंट लुईस लेवी के पदचिह्नों पर चलकर समाज की सेवा करें।
भोजन वितरण: 52 वर्षों की परंपरा का निर्वाहन
सेंट लुईस लेवी की जयंती के अवसर पर गरीबों को भोजन वितरण की परंपरा पिछले 52 वर्षों से चली आ रही है। इस वर्ष भी इस परंपरा का पालन किया गया, जिसमें हजारों जरूरतमंदों को भोजन कराया गया। यह आयोजन सेंट लुईस लेवी की सेवा भावना का प्रतीक है, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है।
श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति
इस समारोह में सिवगंगा और आस-पास के क्षेत्रों से 3,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। उनकी उपस्थिति ने सेंट लुईस लेवी के प्रति उनकी श्रद्धा और सम्मान को प्रदर्शित किया। श्रद्धालुओं ने प्रार्थना और भजन-कीर्तन के माध्यम से सेंट लुईस लेवी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सामाजिक संगठनों की भूमिका
समारोह के आयोजन में स्थानीय सामाजिक संगठनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भोजन वितरण, चिकित्सा शिविर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिससे समारोह में एक नया आयाम जुड़ा। इन संगठनों ने सेंट लुईस लेवी की सेवा भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम: परंपरा और आधुनिकता का संगम
समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने नृत्य, संगीत और नाटक प्रस्तुत किए। इन कार्यक्रमों में सेंट लुईस लेवी के जीवन और उनकी शिक्षाओं को दर्शाया गया, जिससे युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिली।
चिकित्सा शिविर: स्वास्थ्य सेवा का प्रसार
समारोह के अवसर पर एक नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने स्वास्थ्य जांच करवाई। यह शिविर सेंट लुईस लेवी की सेवा भावना का प्रत्यक्ष उदाहरण था, जो समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए समर्पित थे।
सारुकानी गांव: एक तीर्थ स्थल के रूप में उभरता
सेंट लुईस लेवी की जयंती के अवसर पर सारुकानी गांव एक तीर्थ स्थल के रूप में उभर रहा है। हर वर्ष यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल रहा है। गांव के लोग इस अवसर को बड़े उत्साह से मनाते हैं और श्रद्धालुओं का स्वागत करते हैं।
सेवा की अनवरत यात्रा
सेंट लुईस लेवी की 52वीं जयंती का यह समारोह उनकी सेवा भावना और समाज के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है। उनकी विरासत आज भी लोगों को प्रेरित करती है और समाज में सेवा और करुणा के मूल्यों को बढ़ावा देती है। यह समारोह हमें याद दिलाता है कि सच्ची सेवा वही है जो निस्वार्थ भाव से की जाए और समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए समर्पित हो।
Sivaganga, Tamil Nadu: Over 3,000 people attended the 52nd birth anniversary commemoration of Saint Louis Levy in Sarukani, Sivaganga. A special Mass was led by Bishop Anandam. In his memory, alms were distributed, continuing his legacy of feeding the poor for 52 years pic.twitter.com/JUljt4lsQ3
— IANS (@ians_india) March 21, 2025