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भीलवाड़ा में विप्र फाउंडेशन के नेतृत्व में ऐतिहासिक ब्राह्मण युवक-युवती परिचय सम्मेलन संपन्न



अजय त्यागी 2025-03-24 01:17:49 राजस्थान

ऐतिहासिक ब्राह्मण युवक-युवती परिचय सम्मेलन
ऐतिहासिक ब्राह्मण युवक-युवती परिचय सम्मेलन
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भीलवाड़ा में विप्र फाउंडेशन के नेतृत्व में सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन ने समाज में एक नई दिशा और ऊर्जा का संचार किया है। चार जिलों के 250 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। यह सम्मेलन न केवल विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए एक मंच प्रदान करता है, बल्कि समाज की एकता और समरसता को भी प्रकट करता है।

विप्र फाउंडेशन: समाज सेवा में अग्रणी संगठन

विप्र फाउंडेशन एक वैश्विक संगठन है जो ब्राह्मण समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए निरंतर कार्यरत है। इस संगठन का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है। युवक-युवती परिचय सम्मेलन जैसे आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

आयोजन की विस्तृत जानकारी

भीलवाड़ा के शौर्यगढ़ पैलेस में आयोजित इस सम्मेलन में भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और उदयपुर जिलों से प्रतिभागियों ने भाग लिया। जिला महामंत्री लोकेश तिवारी ने बताया कि इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पिछले तीन महीनों से तैयारियां चल रही थीं। सुबह 9 बजे कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और विप्र प्रार्थना से हुई, जिसके बाद युवक-युवतियों ने अपना परिचय देना प्रारंभ किया। प्रत्येक प्रतिभागी का परिचय लाइव एलईडी वॉल पर प्रसारित किया गया, जिससे उपस्थित लोग आसानी से जानकारी प्राप्त कर सके। 

मुख्य अतिथियों की उपस्थिति

मंच पर राष्ट्रीय संरक्षक एवं मावली के पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी, राष्ट्रीय महामंत्री के.के. शर्मा, प्रदेश संरक्षक हिम्मत नागला, निम्बार्काचार्य महंत मोहन शरण शास्त्री, प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र पालीवाल, प्रदेश महामंत्री दिनेश शर्मा, युवा प्रदेश अध्यक्ष विकास शर्मा, महिला प्रदेश अध्यक्ष इंदिरा शर्मा, जिलाध्यक्ष तुलसीराम शर्मा, महामंत्री मुरलीधर जोशी, महिला जिलाध्यक्ष दया गौड़, युवा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण व्यास सहित संगठन के कई पदाधिकारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। 

सांस्कृतिक कार्यक्रम और बच्चों की प्रस्तुति

परिचय सत्र के बीच-बीच में नन्हे बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए, जिन्होंने दर्शकों का मन मोह लिया। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया, जिससे माहौल और भी खुशनुमा हो गया।

मुख्य अतिथियों के विचार

राष्ट्रीय संरक्षक धर्मनारायण जोशी ने ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे माता-पिता को अपने बच्चों के लिए मनपसंद जीवनसाथी चुनने का विकल्प मिलता है। राष्ट्रीय महामंत्री के.के. शर्मा ने संगठन की वर्तमान गतिविधियों के बारे में जानकारी दी, जबकि प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र पालीवाल ने अरुणाचल प्रदेश में बन रही 54 फीट ऊंची भगवान परशुराम की प्रतिमा और उदयपुर में संचालित हो रहे विप्र कॉलेज के बारे में बताया। 

विप्र स्मारिका का विमोचन और सम्मान समारोह

कार्यक्रम के दौरान विप्र स्मारिका का विमोचन किया गया। शहर के ब्राह्मण समाज के विभिन्न घटकों के पदाधिकारियों, ब्राह्मण पार्षदों और भामाशाहों का मोमेंटो और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया, जिससे समाज के प्रति उनके योगदान की सराहना की गई।

प्रतिभागियों का उत्साह और अभिभावकों की सहभागिता

सम्मेलन में 250 से अधिक युवक-युवतियों ने सुयोग्य जीवनसाथी की तलाश में अपना विस्तृत परिचय दिया। कुछ प्रतिभागी जो बाहर नौकरी करने के कारण उपस्थित नहीं हो सके, उनके अभिभावकों ने उनका परिचय दिया। अभिभावकों में इस आयोजन को लेकर काफी उत्साह देखा गया, जिससे समाज में ऐसे आयोजनों की महत्ता स्पष्ट होती है। 

समारोह में उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्ति

आयोजन के दौरान पूर्व विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी, महापौर राकेश पाठक, अक्षय त्रिपाठी (जिलाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी), चित्तौड़गढ़ जिलाध्यक्ष शिरीष त्रिपाठी, यातायात निरीक्षक अनिल तिवारी, विप्र फाउंडेशन की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कल्पना तिवारी, सविता जोशी, अंजू ओझा, मधु शर्मा, मधु खंडेलवाल, मीना भारद्वाज, सीमा पारीक, एडवोकेट रेखा ओझा, नीलम शर्मा, दीपक गौड़, विष्णु भट्ट, अभिषेक शर्मा, विशाल सुखवाल, शुभम शर्मा, विवेक सुखवाल, युवा टीम से सूरज जोशी, हर्षित शर्मा, ब्राह्मण समाज के जगदीश शर्मा, भेरूलाल जोशी, श्याम सुंदर गोड, राधेश्याम शर्मा, नवीन शर्मा, महेंद्र शर्मा, नेता प्रतिपक्ष धर्मेंद्र पारीक, बालकिशन पराशर, रामेश्वर गोवला, एडवोकेट हेमेंद्र शर्मा सहित ब्राह्मण समाज के विभिन्न घटकों के अध्यक्ष, पार्षदगण, जनप्रतिनिधि एवं समाज के प्रतिष्ठित लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

विप्र फाउंडेशन का सामाजिक योगदान और भविष्य की योजनाएँ

विप्र फाउंडेशन ने इस आयोजन के माध्यम से समाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को और मजबूत किया है। संगठन ने यह स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज के युवक-युवतियों को योग्य जीवनसाथी चुनने में सहायता मिल सके। प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र पालीवाल ने बताया कि विप्र फाउंडेशन सिर्फ परिचय सम्मेलनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संगठन शिक्षा, रोजगार और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। अरुणाचल प्रदेश में बन रही भगवान परशुराम की 54 फीट ऊँची प्रतिमा और उदयपुर में संचालित हो रहे विप्र कॉलेज इसी दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं।

परिचय सम्मेलन का समापन और धन्यवाद ज्ञापन

कार्यक्रम के अंत में विप्र फाउंडेशन के संस्थापक संयोजक सुशील ओझा ने गुवाहाटी से लाइव वीडियो वार्ता के माध्यम से आयोजन समिति को सफल आयोजन की बधाई दी। उन्होंने बताया कि समाज में इस तरह के आयोजनों की आवश्यकता है, ताकि पारंपरिक मूल्यों को बनाए रखते हुए आधुनिक आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और समाजजन का आभार व्यक्त किया और इस सफल आयोजन के लिए सहयोग करने वाले सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया।

रिपोर्ट - पंकज पोरवाल, भीलवाड़ा।