Fri, 04 April 2025 04:22:38am
बीकानेर की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को संजोए रखने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन, संकल्प मानस नवाह्न पारायण, नव संवत्सर के दूसरे दिन रामजन्म महोत्सव के साथ भव्यता से संपन्न हुआ। डेहरू माता सेवा समिति एवं बीकानेर मानस परिवार के संयुक्त प्रयासों से यह आयोजन मानस भवन के संकल्प को पूरा करने के लिए आयोजित किया गया। पूरे शहर में इस आध्यात्मिक अनुष्ठान की गूंज सुनाई दी, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भाग लिया।
आयोजन का शुभारंभ और पाठ का प्रारंभ:
इस महायज्ञ का शुभारंभ बद्री प्रसाद पुरोहित एवं उनकी धर्मपत्नी मंजु पुरोहित के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस नवाह्न पाठ की शुरुआत वरिष्ठ पाठी राजेंद्र खत्री, महेंद्र स्वामी, नरेश पुरोहित, भंवर पुरोहित, गणेश पंवार, राकेश आसोपा, कृपाशंकर शर्मा, राजकुमार व्यास, सुशील पुरोहित, लालजी पुरोहित, नमन आदि द्वारा मानस की चौपाइयों के सस्वर पाठ के साथ हुई। उनका मधुर स्वर वातावरण को भक्तिमय बना रहा था।
संपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य योगदानकर्ताओं की भूमिका:
कार्यक्रम की सफलता में संरक्षक रामकुमार पुरोहित, रामरतन पुरोहित, रामेश्वर पुरोहित, मास्टर पवन पुरोहित, अध्यक्ष एडवोकेट पवन पुरोहित, राजा व्यास एवं सुशील भादाणी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन सभी महानुभावों के प्रयासों से यह आयोजन बेहद सुव्यवस्थित और भव्य रूप से संपन्न हुआ।
मुख्य आरती एवं श्रद्धालुओं की आस्था:
इस विशाल आयोजन में विशेष आकर्षण का केंद्र मुख्य आरती रही, जिसमें सपत्निक रमेश उपाध्याय, विप्र नेता के रूप में शामिल हुए। जब आरती का आयोजन हुआ, तो पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से भर उठा। श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ ने इस आयोजन को अत्यधिक सफल बना दिया।
समाज में इस आयोजन का प्रभाव:
यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि समाज को एकजुट करने और धार्मिक आस्था को प्रबल करने का भी माध्यम बना। इसमें समाज के सभी वर्गों की सहभागिता रही, जिसने बीकानेर की समृद्ध परंपराओं को और सुदृढ़ किया। धार्मिक आयोजनों की यह परंपरा हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखने में सहायक होती है और आने वाली पीढ़ियों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी।
अधिकारिक वक्तव्य:
कार्यक्रम के संयोजक जेठाराम पुरोहित ने कहा, "यह आयोजन हमारे समाज को धार्मिक मूल्यों और परंपराओं से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। हमने इसे पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न किया है और आगे भी ऐसे आयोजनों को जारी रखेंगे।"
संकल्प मानस नवाह्न पारायण और रामजन्म महोत्सव के इस पावन आयोजन ने बीकानेर की धार्मिक चेतना को और अधिक प्रखर किया है। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान था, बल्कि समाज को एकजुट करने और संस्कारों को जीवंत बनाए रखने का भी एक प्रभावी माध्यम बना। इस भव्य कार्यक्रम की स्मृतियाँ लंबे समय तक श्रद्धालुओं के हृदय में जीवित रहेंगी।