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राष्ट्रीय

मध्यप्रदेश ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में रचा नया कीर्तिमान

मध्यप्रदेश ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में नया रिकॉर्ड बनाते हुए 13 लाख से अधिक किसानों से अनाज खरीदकर पूरे देश में प्रथम स्थान हासिल किया है।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

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मध्यप्रदेश के कृषि और प्रशासनिक इतिहास में इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रदेश सरकार की सक्रिय नीतियों के चलते अब तक 13 लाख 10 हजार किसानों से गेहूं की रिकॉर्ड खरीद की जा चुकी है, जो पूरे भारत में सर्वाधिक है। कुल 100 लाख मीट्रिक टन अनाज के साथ मध्यप्रदेश अब पंजाब के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक और खरीद केंद्र बनकर उभरा है।

पिछले दशक का रिकॉर्ड

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा, "कोविड काल को छोड़कर पिछले 10 वर्षों में इस बार सबसे ज्यादा गेहूं खरीदा गया है।" सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है कि प्रदेश का अन्नदाता सशक्त हो और उसे अपनी फसल का उचित दाम मिले। इसके लिए शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

मुख्यमंत्री मोहन यादव इस पूरी व्यवस्था की स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उनके प्रयासों के फलस्वरूप केंद्र सरकार ने गेहूं खरीद का प्रारंभिक लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। मुख्यमंत्री ने स्वयं विभिन्न खरीदी केंद्रों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया है। किसानों से उनकी सीधी बातचीत ने खरीदी प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक बाधाओं को दूर करने में बड़ी मदद की है।[1]

भुगतान और तारीख विस्तार

प्रदेश सरकार ने अब तक किसानों के खातों में 20 हजार 680 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी सुनिश्चित कर दिया है। किसानों को 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है, जिसमें 2585 रुपये समर्थन मूल्य और 40 रुपये का बोनस शामिल है। "किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि 23 मई से बढ़ाकर 28 मई कर दी गई है," ताकि कोई भी किसान वंचित न रहे।

खरीदी केंद्रों पर भी व्यवस्थाओं का कायापलट किया गया है। तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है ताकि किसानों को लंबी कतारों में न खड़ा होना पड़े। तौल पर्ची बनाने का समय रात 10 बजे तक और भुगतान प्रक्रिया रात 12 बजे तक विस्तारित की गई है। खरीदी का कार्य अब सप्ताह में छह दिन पूर्ण सक्रियता के साथ जारी है, जिससे कार्य में तेजी आई है।

केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं

खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए पानी, छाया और बैठने के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर बारदाना, हम्माल, सिलाई मशीन, कंप्यूटर और गुणवत्ता जांच के आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य किसानों को केंद्र पर आने के बाद किसी भी तरह की परेशानी से बचाना है। यह सरकारी प्रयास सुनिश्चित करता है कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का लाभ सीधे और सुलभ तरीके से किसान तक पहुंचे।

इन तमाम व्यवस्थाओं के बीच यह देखना महत्वपूर्ण है कि मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में लगातार नवाचार कर रहा है। किसानों के प्रति सरकार की यह संवेदनशीलता ही है कि प्रदेश ने इतने कम समय में 13 लाख से अधिक किसानों के साथ जुड़ाव बनाया है। यह रिकॉर्ड केवल संख्या नहीं, बल्कि किसानों के भरोसे का प्रतीक है जो उन्हें सरकारी तंत्र से जोड़ने में सफल रही है। इस साल हुई समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी वास्तव में मील का पत्थर है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों और बयानों पर आधारित है। यह केवल जनहित में सूचना के उद्देश्य से तैयार की गई है। सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और तिथियों में किसी भी बदलाव के लिए आधिकारिक पोर्टल का अवलोकन करें। इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी प्रशासनिक या व्यक्तिगत निर्णय हेतु लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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