एयरपोर्ट पर सुरक्षा के नए नियम: अब शूटिंग पर होगी सख्त कार्रवाई
डीजीसीए ने एयरपोर्ट पर सुरक्षा के नए नियम लागू किए हैं, जिसके तहत अब संवेदनशील क्षेत्रों में रील या वीडियो बनाना प्रतिबंधित कर दिया गया है।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
हवाई सफर के दौरान सोशल मीडिया के बढ़ते चलन ने अब अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए डीजीसीए और ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी ने एयरपोर्ट पर सुरक्षा के नए नियम जारी कर दिए हैं। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य हवाई अड्डों पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना है, ताकि किसी भी अनधिकृत गतिविधि के कारण संचालन में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
प्रतिबंधित संवेदनशील क्षेत्र
नई गाइडलाइन के अनुसार, एयरपोर्ट के अति संवेदनशील इलाकों में फोटो और वीडियो शूट पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इनमें सुरक्षा जांच (Security Check) वाले इलाके, विमानों की पार्किंग जोन (एप्रन) और बस से विमान तक जाने वाले रास्ते शामिल हैं। "अधिकारियों का कहना है कि इससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है और कई बार संचालन में बाधा आती है," जो कि किसी भी हवाई अड्डे के लिए एक बड़ा जोखिम हो सकता है।
सीट पर क्या छूट
यात्रियों को अपनी सीट पर बैठकर सामान्य फोटो या वीडियो लेने की सीमित छूट रहेगी, बशर्ते वह केबिन के अनुशासन को प्रभावित न करे। हालांकि, केबिन क्रू का निर्देश सर्वोपरि होगा। यदि क्रू सदस्य किसी भी यात्री को कैमरा बंद करने या वीडियो न बनाने का निर्देश देते हैं, तो उसका पालन करना अनिवार्य है। ऐसी स्थिति में तर्क-वितर्क करना यात्री के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है।[1]
कठोर दंड का प्रावधान
नियमों की अनदेखी करने पर यात्री को "अनरूली पैसेंजर" (Unruly Passenger) घोषित किया जा सकता है। सुरक्षा एजेंसियों ने साफ किया है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में शूटिंग या हंगामा करने पर सख्त कार्रवाई होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर यात्रियों पर कुछ महीनों से लेकर दो साल या उससे अधिक समय तक उड़ान भरने पर रोक लगाई जा सकती है। जरूरत पड़ने पर सुरक्षा एजेंसियां इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त कर सकती हैं।
जीरो टॉलरेंस नीति
विमानन अधिकारियों का मानना है कि सोशल मीडिया ट्रेंड के कारण एयरपोर्ट के भीतर अनुशासन का स्तर गिर रहा था। अक्सर लोग लाइक्स के चक्कर में प्रोटोकॉल भूल जाते हैं। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियों ने एयरपोर्ट पर सुरक्षा के नए नियम लागू करते हुए "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाई है। यह कदम हवाई अड्डों पर भीड़-भाड़ और सुरक्षा को व्यवस्थित रखने के लिए बेहद आवश्यक माना जा रहा है।
सुरक्षा में अनुशासन
हवाई यात्रा के दौरान सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। जब यात्री शूटिंग में व्यस्त होते हैं, तो वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा को अनदेखा कर देते हैं। इसलिए एयरपोर्ट पर सुरक्षा के नए नियम को ध्यान में रखते हुए अब यात्रियों से पूर्ण सहयोग की अपेक्षा की गई है। हवाई अड्डों पर अब सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन न करना सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन माना जाएगा, जिस पर एजेंसी तुरंत एक्शन लेगी।
यात्रा सुरक्षित बनाएं
अंत में, यह स्पष्ट है कि सोशल मीडिया की लोकप्रियता से ऊपर सुरक्षा का महत्व है। यदि आप भी नियमित हवाई यात्री हैं, तो एयरपोर्ट पर इन नियमों का पालन करें ताकि आपकी यात्रा सुखद बनी रहे। एयरलाइंस और एजेंसियां अब इन नियमों के प्रति बिल्कुल लचीलापन नहीं दिखाएंगी। सभी यात्रियों से आग्रह है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए जारी नई गाइडलाइन्स का अक्षरशः पालन करें।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी डीजीसीए और ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी द्वारा जारी हालिया आदेशों पर आधारित है। यह केवल जनहित में सुरक्षा मानकों की जानकारी साझा करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। हवाई यात्रा संबंधी नवीनतम दिशानिर्देशों के लिए संबंधित एयरलाइंस या एयरपोर्ट प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट देखें। इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी प्रशासनिक या कानूनी निर्णय हेतु लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।