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राजस्थान

योग विज्ञान शिविर का सफल समापन: स्वस्थ जीवन का नया संकल्प

योग विज्ञान शिविर का सफल समापन हुआ। विशेषज्ञों ने योग को दिनचर्या में शामिल कर मधुमेह और तनाव जैसी बीमारियों से बचने का संदेश दिया है।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

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योग प्रशिक्षण एवं प्रचार समिति के तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय निशुल्क स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत योग विज्ञान शिविर का सफल समापन हुआ। रविवार को वरिष्ठ नागरिक भ्रमण पथ पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का समापन सम्मान समारोह और गहन योग साधना के साथ किया गया। इस दौरान शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों और योग प्रेमियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा प्राप्त की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पिंटू नाहटा ने कहा कि "नियमित योग, संतुलित आहार एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ एवं ऊर्जावान जीवन जी सकता है।" उन्होंने बताया कि भागदौड़ भरी इस आधुनिक जीवनशैली में मधुमेह, रक्तचाप, मानसिक तनाव एवं मोटापे जैसी समस्याओं से बचाव के लिए योग सबसे अधिक प्रभावी और सुलभ माध्यम है, जिसे अपनाना अनिवार्य है।

योग और स्वास्थ्य

डॉ. पिंटू नाहटा ने आगे विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि नियमित योग के माध्यम से हम लंबी आयु तक स्वस्थ जीवन का आनंद ले सकते हैं। "योग हृदय की बीमारियों जैसे हार्ट अटैक, उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और मोटापे से निजात पाने में सहायक है।" उन्होंने समझाया कि योग हमारे भीतर के चिकित्सालय को सक्रिय कर विशेष रासायनिक तत्वों का स्राव करता है, जो शरीर के वातावरण को सुरक्षित रखते हैं।

योग एवं प्राणायाम को दैनिक चर्या में शामिल करने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि हमें योग को अपने जीवन में नियमित अपनाना चाहिए। समापन समारोह में खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान योग साधक विनोद जोशी एवं श्रीमती दीपा मोडासिया ने शिविर में सिखाए गए विशेष प्राणायाम, विभिन्न आसनों एवं सूक्ष्म व्यायामों का पुनः अभ्यास करवाया।

सम्मान और पुरस्कार

इस गरिमामय अवसर पर शिविर में उत्कृष्ट योगदान देने वाले योग साधकों को सम्मानित किया गया। साधक तेजप्रताप सिंह एवं श्रीमती दीपा मोडासिया को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर विशेष रूप से नवाजा गया। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री के वृक्षारोपण अभियान से प्रेरित होकर पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय कार्य करने वाले अनेक कार्यकर्ताओं को "पर्यावरण मित्र सम्मान" प्रदान किया गया, जिसने कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया।

सम्मानित होने वालों में मदन मोहन छंगाणी, राजेन्द्र सिंह राठौड़, वीर सावरकर पर्यावरण समिति, सीडी सागर, राजेन्द्र शर्मा, रघुवीर लुहानिवाल, तिलक राज सुगंध, अजय खत्री, मधु खत्री, घनश्याम जोशी, हरीश बिश्नोई, हरदयाल सिंह, बलविंदर यादव, दिलीप देवड़ा, गणेश सोनी, गोपाल झा एवं भवानी शंकर सांखला शामिल थे। यह सम्मान पर्यावरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और समर्पण को दर्शाता है, जिसे अतिथियों ने खूब सराहा।

वैश्विक पहचान योग

मुख्य अतिथि डॉ. विश्वनाथ मेघवाल ने अपने संबोधन में कहा कि "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है।" उन्होंने आगे कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मान्यता मिलना हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। योग को जीवनचर्या में शामिल कर व्यक्ति अपने पारिवारिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों का निर्वहन अधिक ऊर्जा एवं सकारात्मकता के साथ कर सकता है।

योग विज्ञान शिविर का सफल समापन में भाजपा देहात महामंत्री तोलाराम कूकणा ने सभी अतिथियों, समर्पित योग प्रशिक्षकों एवं शिविर में शामिल साधकों का आभार व्यक्त किया। भारत माता के जयघोष एवं उत्साहपूर्ण हास्यासन के साथ शिविर का औपचारिक समापन हुआ। समिति की ओर से यह घोषणा की गई कि नियमित योग कक्षाएं प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से 7:30 बजे तक यथावत संचालित की जाएंगी, ताकि समाज स्वस्थ रह सके।

स्वस्थ समाज निर्माण

नियमित योग का संदेश केवल इसी शिविर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जन-जन तक पहुंचाना होगा। आज के दौर में जब मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य एक बड़ी चुनौती है, तब इस तरह के आयोजन बेहद प्रासंगिक हो जाते हैं। योग विज्ञान शिविर का सफल समापन समाज को एक स्वस्थ दिशा देने की ओर बढ़ाया गया एक छोटा सा कदम है, जो भविष्य में बड़े बदलाव लाएगा।

हमारा शरीर ही हमारा सबसे बड़ा मंदिर है, और योग इसे शुद्ध एवं पवित्र रखने का माध्यम है। समिति की इस पहल ने न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार किया है, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया है। उम्मीद है कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर होते रहेंगे और योग विज्ञान शिविर का सफल समापन की तरह ही अन्य लोग भी योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी आयोजन समिति और संबंधित वक्ताओं के बयानों पर आधारित है। यह केवल जनहित में सूचना साझा करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी योग अभ्यास को विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें। इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय हेतु लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief