टेक्नोलॉजी

विप्रो में एआई विस्तार: तकनीकी क्रांति, विशेष लक्ष्य और नई तैयारी

घरेलू तकनीकी कंपनियों के राजस्व पर बढ़ते दबाव के बीच विप्रो में एआई विस्तार की रूपरेखा तैयार की गई है जिससे उद्योग में बड़ा बदलाव आएगा।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

बेंगलुरु। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग की दिग्गज टेक कंपनी विप्रो ने अपने बेंगलुरु स्थित मुख्य हब में एक बड़ी तकनीकी पहल की शुरुआत की है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने एंथ्रोपिक के क्लाउड मॉडल पर केंद्रित व्यावहारिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए एक नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की है। विप्रो का यह महत्वपूर्ण कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ऑटोमेशन के कारण पारंपरिक तकनीकी सेवाओं से मिलने वाले पुराने राजस्व मॉडल पर गंभीर दबाव बढ़ रहा है और कंपनी के भीतर विप्रो में एआई विस्तार करने की जरूरत महसूस की जा रही है।[1]

इस नई तकनीकी प्रगति और एआई-संचालित ऑटोमेशन के तीव्र विस्तार ने पारंपरिक भारतीय आईटी सेवा फर्मों के वित्तीय प्रदर्शन और बाजार मूल्य को काफी प्रभावित किया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार चालू वर्ष के फरवरी महीने में एंथ्रोपिक द्वारा एक अत्याधुनिक एआई एजेंट टूल वैश्विक स्तर पर लॉन्च किया गया था, जिसके बाद इन पारंपरिक कंपनियों को बाजार मूल्य में अरबों डॉलर का भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसी सुरक्षात्मक रुख को अपनाने और अपनी बाजार स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से वर्तमान में विप्रो में एआई विस्तार एक अनिवार्य कदम बन चुका है।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

विप्रो द्वारा स्थापित किया गया यह नया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस क्लाउड मॉडल का उपयोग करके उद्यम स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता को बड़े पैमाने पर अपनाने की क्षमता को मजबूत करेगा। इस आधुनिक केंद्र का मुख्य उद्देश्य कंपनी को एआई-आधारित नए प्लेटफॉर्म और उद्योग-विशिष्ट उपकरण विकसित करने में सक्षम बनाना है। इसके साथ ही विप्रो प्रबंधन अपने आंतरिक वित्त, मानव संसाधन और बिक्री विभागों में एआई के उपयोग को व्यापक रूप से बढ़ाएगा ताकि कार्यप्रणाली को और अधिक कुशल तथा उत्पादक बनाया जा सके।

इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी ने मानव संसाधन को उन्नत करने की एक बहुत बड़ी योजना तैयार की है। विप्रो ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह अगले अठारह महीनों के भीतर अपने दस हजार कर्मचारियों को एंथ्रोपिक के क्लाउड मॉडल का कुशलतापूर्वक उपयोग करने के लिए विशेष तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेगी। इस वृहद प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए कंपनी अपने कार्यबल को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रही है ताकि आने वाले समय में विप्रो में एआई विस्तार सुचारू रूप से किया जा सके।

राजस्व और विकास

प्रमुख वैश्विक वित्तीय फर्म जेफरीज के विश्लेषकों ने इस पूरे तकनीकी परिदृश्य और कंपनी की नई कार्ययोजना का गहन आकलन करते हुए अपनी रिपोर्ट साझा की है। जेफरीज के विश्लेषकों के अनुसार विप्रो को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में पारंपरिक सेवाओं से मिलने वाले राजस्व में होने वाली कमी उसके समग्र विकास को कुछ हद तक प्रभावित कर सकती है। हालांकि एआई तकनीक के बेहतर अनुप्रयोगों के पुनर्निर्माण और वर्कफ़्लो रीडिज़ाइन के माध्यम से कंपनी को अपने बाजार का दायरा बढ़ाने में बड़ी मदद मिल सकती है।

इस तकनीकी बदलाव के बीच शेयर बाजार के निवेशकों में इस बात को लेकर चिंताएं लगातार बनी हुई हैं कि नए डिजिटल उपकरण श्रम-प्रधान बिजनेस मॉडल को कैसे प्रभावित करेंगे। लगभग ३१५ अरब डॉलर मूल्य के इस पूरे सेक्टर में तकनीकी बदलावों के कारण बड़े बदलाव की आशंका जताई जा रही है। इसी होड़ में जून महीने के शुरुआती दिनों में प्रतिद्वंद्वी कंपनी टीसीएस ने भी एंथ्रोपिक के साथ साझेदारी करके उद्यम एआई को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े गठबंधन की घोषणा की थी, जो दिखाता है कि विप्रो में एआई विस्तार समय की मांग है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। विप्रो के बाजार मूल्य, कॉर्पोरेट रणनीतियां और तकनीकी प्रशिक्षण के आंकड़े वैश्विक बाजार की स्थितियों के अधीन परिवर्तनशील हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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