बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार भारत एआई सर्च रीच में एशिया में सबसे आगे है, जो खरीदारी के सफर को बदल रहा है।
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली, भारत। वैश्विक कंसल्टिंग फर्म बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप द्वारा जारी की गई एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भारत एआई सर्च रीच के मामले में एशिया के सभी प्रमुख बाजारों में सबसे आगे निकल गया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में खरीदारी के कुल सफर में लार्ज लैंग्वेज मॉडल यानी एआई सर्च की हिस्सेदारी 22 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा जापान के मुकाबले लगभग चार गुना अधिक है, जो तकनीक अपनाने के मामले में भारतीय बाजार की तेज गति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव आने वाले समय में विपणन और डिजिटल मार्केटिंग की पूरी दिशा को बदलकर रख देगा। [1]
रिपोर्ट के आंकड़ों पर गौर करें तो भारत में एआई सर्च अब पारंपरिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कड़ी टक्कर दे रहा है। देश में ब्रांड खोज के मामले में सोशल मीडिया 29 प्रतिशत के साथ सबसे आगे बना हुआ है, लेकिन एआई सर्च ने बहुत कम समय में 22 प्रतिशत की पहुंच हासिल करके अपनी मजबूत स्थिति दर्ज करा दी है। यह तकनीक अब टेलीविजन, रेडियो और प्रिंट मीडिया जैसे पारंपरिक माध्यमों को पीछे छोड़कर शीर्ष पांच माध्यमों में शामिल हो चुकी है। जानकारों का कहना है कि उपभोक्ता अब उत्पादों की जानकारी के लिए सीधे उन्नत तकनीकी टूल्स का उपयोग करना पसंद कर रहे हैं।
एआई सर्च की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह केवल विकल्पों की सूची नहीं देता, बल्कि पूरी जानकारी को सटीकता से विश्लेषित करके उपयोगकर्ताओं के सामने रखता है। रिपोर्ट के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं ने खरीदारी के दौरान एआई सर्च का इस्तेमाल किया, उनमें से 65 प्रतिशत लोगों की अंतिम ब्रांड पसंद पर इसी तकनीक का सबसे गहरा प्रभाव पड़ा। इस मामले में भारत का प्रभाव प्रतिशत एशिया के अन्य देशों की तुलना में काफी ऊपर है। उपभोक्ता मानते हैं कि एआई द्वारा दिए गए जवाब विज्ञापन आधारित भ्रम को दूर करते हैं और पूरी तरह से पारदर्शी व व्यक्तिगत सलाह प्रदान करते हैं।
बदलते उपभोक्ता रुझानों को देखते हुए देश-विदेश के बड़े ब्रांड्स ने अपनी डिजिटल रणनीतियों में बदलाव करना शुरू कर दिया है। कंपनियों को अब केवल सोशल मीडिया फीड्स तक सीमित रहने के बजाय एआई-जनित उत्तरों और सिफ़ारिशों में अपनी दृश्यता बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना पड़ रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि आधे से अधिक उपभोक्ताओं ने उन नए ब्रांडों को भी आजमाया जिन्हें वे पारंपरिक माध्यमों से नहीं खोज पाते थे। इससे कम प्रसिद्ध ब्रांडों के लिए भी बाजार में अपनी पहुंच बनाने के नए और बेहतरीन अवसर पैदा हो रहे हैं।
आने वाले वर्षों में भारतीय बाजार में एआई और डिजिटल कॉमर्स का यह समन्वय और अधिक गहरा होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। देश में बढ़ता क्रिएटर इकोसिस्टम और सोशल प्लेटफॉर्म्स का ई-कॉमर्स के साथ एकीकरण उपभोक्ताओं को खोज से लेकर सीधे खरीदारी तक का सहज अनुभव करा रहा है। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि जैसे-जैसे मोबाइल डेटा की पहुंच और तकनीक का विस्तार होगा, वैसे-वैसे एआई सर्च की लोकप्रियता में और अधिक तेजी देखने को मिलेगी। यह बदलाव भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए एक नया मील का पत्थर साबित हो सकता है।
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। तकनीकी रिपोर्ट्स और बाजार के आंकड़ों में समय के साथ बदलाव संभव है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी व्यावसायिक या वित्तीय निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।