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रेलवे भर्ती घोटाला: सीबीआई ने दो IRPS अधिकारियों समेत छह को किया गिरफ्तार

रेलवे भर्ती घोटाला: सीबीआई ने दो IRPS अधिकारियों समेत छह को

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg प्रतीकात्मक फोटो : Internet

प्रतीकात्मक फोटो : Internet

भारतीय रेलवे में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को दो भारतीय रेलवे पर्सोनल सेवा (IRPS) अधिकारियों सहित छह लोगों को रेलवे विभागीय परीक्षा में रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले में वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी सुनील बिश्नोई और मंडल कार्मिक अधिकारी अंकुश वासन प्रमुख आरोपी हैं।

रिश्वतखोरी का खुलासा
सीबीआई के अनुसार, वडोदरा मंडल, पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी (IRPS 2008 बैच) सुनील बिश्नोई और मंडल कार्मिक अधिकारी (IRPS 2018 बैच) अंकुश वासन पर आरोप है कि उन्होंने विभागीय परीक्षा में उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाने के लिए रिश्वत ली। इस घोटाले में चर्चगेट, पश्चिम रेलवे, मुंबई के उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक संजय कुमार तिवारी, उप स्टेशन अधीक्षक नीरज सिन्हा, साबरमती, अहमदाबाद के मंडल रेलवे अस्पताल के नर्सिंग अधीक्षक दिनेश कुमार और एक अन्य व्यक्ति मुकेश मीणा भी शामिल हैं।

छापेमारी और बरामदगी
गिरफ्तारी के बाद, सीबीआई ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें लगभग 650 ग्राम सोना और 5 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि वडोदरा में मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय में रिश्वतखोरी का यह नेटवर्क विभागीय परीक्षा में उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर रिश्वत एकत्र कर रहा था। इस मामले में गुजरात के वडोदरा सहित 11 विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई, जहां से सोने की ईंटें, नकदी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए।

मामला दर्ज और आरोप
सीबीआई ने 18 फरवरी को तीन रेलवे अधिकारियों—अंकुश वासन, संजय कुमार तिवारी, नीरज सिन्हा—और एक निजी व्यक्ति मुकेश मीणा के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोप है कि ये लोग रेलवे विभागीय परीक्षा में उम्मीदवारों से पैसे लेकर उन्हें चयनित कराने का वादा कर रहे थे। अंकुश वासन ने संजय तिवारी को कम से कम 10 ऐसे उम्मीदवारों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया था, जो चयन के लिए पैसे देने को तैयार हों। इसके बाद, तिवारी ने नीरज सिन्हा और मुकेश मीणा से संपर्क कर ऐसे उम्मीदवारों से रिश्वत एकत्र करने को कहा। तिवारी ने वडोदरा के एक जौहरी से बिना बिल के लगभग 400 ग्राम सोना नकद के बदले खरीदने की भी कोशिश की।

जांच और आगे की कार्रवाई
जांच के दौरान, नर्सिंग अधीक्षक दिनेश कुमार के पास से 650 ग्राम सोना बरामद हुआ, जिसे उन्होंने लगभग 57 लाख रुपये में जौहरी से खरीदा था। यह सोना वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी सुनील बिश्नोई को सौंपा जाना था। सीबीआई ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief