विश्व डाक दिवस पर जानिए 9 अक्टूबर का इतिहास, 1874 में वैश्विक डाक संघ की स्थापना, भारत के 164999 डाकघरों और डिजिटल सेवाओं का पूरा सफर जानें।
देशभर के संस्थानों में छात्रों से जुड़े आत्महत्या के हालिया सरकारी आंकड़े सामने आए हैं। जानिए इस पूरी स्थिति से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण और प्रामाणिक बातें।
राधा अष्टमी का पावन पर्व और विशेष धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
देश में घटती बच्चो की संख्या और परिवार नियोजन की पुरानी नीतियों के कारण भविष्य में बुजुर्गों की आबादी तेजी से बढ़ने और गंभीर संकट पैदा होने की आशंका जताई गई है।
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के 60 साल बाद भी साक्षरता की चुनौती। UNESCO के अनुसार दुनिया में 739 मिलियन युवा और वयस्क बुनियादी साक्षरता से दूर।
बाल मजदूरी पर बड़ी कार्रवाई में 3800 से ज्यादा बच्चे बचाए गए और 575 से ज्यादा FIR हुईं, अब सवाल है कि इन बच्चों का भविष्य कितना बदलेगा।
चीनी के दाम घटे जरूर हैं, लेकिन पुराना महंगा स्टॉक और बाजार की सुस्त चाल ग्राहक को तुरंत राहत नहीं देगी, जानिए घर तक राहत कब आयेगी।
सरकारी स्कूलों की बदहाली के बीच मीडिया कैमरा रोक पर सवाल उठे हैं। सुरक्षा जरूरी है, मगर पारदर्शिता, सीसीटीवी और जवाबदेही से ही सच सामने आएगा।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की आस्था, संस्कृति और परंपरा का जीवंत उत्सव है। जानिए इसका इतिहास, रासलीला और आधुनिक महत्व।
द्वितीय विश्व युद्ध को दुनिया ने जीत और हार के तराजू पर तौला, मगर सवाल यह है कि इस विजय के नीचे कितनी जिंदगियां दफन हुईं और किसने युद्ध की असली कीमत चुकाई।
मिहिर आहूजा ने बताया कि असली वायुसेना अधिकारी का किरदार निभाना आसान नहीं था। सलामी से चाल तक बारीकियां सीखीं, असली कारगिल योद्धा से जुड़कर भूमिका को खास बनाया।
सरकारी कैंसर दवा के 4 वॉयल दिल्ली के ब्लैक मार्केट में मिले। बीकानेर से गई सरकारी सप्लाई ने दवा वितरण और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
बेरोजगारी दर घटकर जुलाई में 5.1% पर आ गई। गांवों में राहत मिली, महिलाओं की कामकाजी भागीदारी बढ़ी, लेकिन शहरों में दर बढ़ी और रोजगार अनुपात भी चढ़ा।
भारत में स्वास्थ्य बीमा सुधार की तैयारी तेज है। इलाज की दरें तय करने, क्लेम पारदर्शी बनाने और साझा एक्सचेंज से मरीजों को राहत की उम्मीद है।
भारत में हाथियों की संख्या करीब 22,514 आंकी गई है, लेकिन आवास टूटने, बिजली, रेल हादसों और बढ़ते मानव हाथी संघर्ष से हाथियों का संरक्षण चुनौती बन गया है।