ईरान अमेरिका युद्ध का असर अब खाड़ी देशों की कंपनियों की दूसरी तिमाही के नतीजों में साफ दिखेगा तेल और बैंकिंग क्षेत्रों में बड़े बदलाव की आशंका है।
मरुस्थलीकरण को रोकने और दम तोड़ते पर्यावरण को बचाने के लिए शुरू हुआ अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट वास्तव में अरावली की संजीवनी साबित होगा।
वैज्ञानिक शोध में पर्माफ्रॉस्ट के लगातार पिघलने का दावा किया गया है जिससे पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसे जलवायु परिवर्तन का खतरा गहरा गया है।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी ताज़ा आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार देश में बढ़ती खुदरा महंगाई दर अब एक नए स्तर पर पहुँच चुकी है।
आम आदमी होना बहुत मुश्किल है। सड़क, पानी, अतिक्रमण, शोर और प्रशासनिक उदासीनता के बीच नागरिक रोज संघर्ष कर रहा है जबकि जिम्मेदारों की प्राथमिकताएं अलग दिखाई देती
गेहूं की खेती पर जलवायु परिवर्तन का गहरा असर पड़ा है। बढ़ती रात की गर्मी और बदलते मौसम से पैदावार और अनाज की गुणवत्ता पर संकट खड़ा हो गया है।
ये महंगाई की मार नहीं जनस्वास्थ्य अभियान है, बढ़ती कीमतों के जरिए सरकार जनता की सेहत सुधार रही है, जनता व्यर्थ परेशान ना हो।
बीकानेर की बदहाल सड़कों, गंदगी और यातायात की समस्याओं से जूझती जनता का बड़ा सवाल क्यों ना ऐसे निष्क्रिय सरकारी विभागों को बंद कर दिया जाए?
विकास और पर्यावरण के संतुलन पर प्रबुद्धजनों का गंभीर मंथन। जानिए कैसे कंक्रीट का अनियंत्रित विस्तार हमारे भविष्य के लिए एक बड़ा संकट बन रहा है।
बीकानेर के आनंद निकेतन में लोककला मर्मज्ञ डॉ. श्रीलाल मोहता की पुण्यतिथि पर पत्रकारिता के संकट विषय पर विचार-विमर्श हुआ।
आर्थिक विकास हेतु पर्यावरण की अनदेखी आत्मघाती है। खाद्य सुरक्षा, गिरता भूजल और प्रदूषण रोकने हेतु विकेंद्रीकृत जल संचयन व कड़े नीतिगत फैसले अनिवार्य हैं।
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असीमित ऊर्जा की दहलीज पर दुनिया: जर्मनी का प्रोक्सिमा फ्यूजन
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