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जम्मू और कश्मीर

शक्ति उद्घोष की पहल: महिला बाइकर्स का नशा मुक्त अभियान

शक्ति उद्घोष की पहल: महिला बाइकर्स का नशा मुक्त अभियान

By अजय त्यागी
1 min read
महिला बाइकर्स का नशा मुक्त अभियान

महिला बाइकर्स का नशा मुक्त अभियान

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जब समाज में बदलाव की बात होती है, तो अक्सर पुरुषों की अग्रणी भूमिका की चर्चा होती है। लेकिन जम्मू-कश्मीर की इन साहसी महिलाओं ने साबित कर दिया है कि परिवर्तन की धुरी महिलाएं भी हो सकती हैं। कठुआ से पूंछ तक की यह बाइक रैली न केवल नशे के खिलाफ जंग का ऐलान है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि महिलाएं किसी से कम नहीं।

अभियान की शुरुआत:
कठुआ के उपायुक्त डॉ. राकेश मिन्हास ने इस रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा, "यह अभियान न केवल नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का प्रयास है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करता है।"

शक्ति उद्घोष फाउंडेशन की भूमिका:
इस रैली का नेतृत्व शक्ति उद्घोष फाउंडेशन की समन्वयक प्रीति चौधरी कर रही हैं। फाउंडेशन का उद्देश्य समाज में नशामुक्ति और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कार्य करना है। प्रीति चौधरी ने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाई जाए और महिलाओं को सशक्त बनाया जाए, ताकि वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें।"

बाइकर्स का उत्साह:
टीम की सदस्य अनु तलवार, जो जम्मू से हैं, ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, "मेरा नाम अनु तलवार है और मैं शक्ति उद्घोष से जुड़ी हूं। हम वर्तमान में एक अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं ताकि एक नशा मुक्त समाज का निर्माण हो सके। हमारा उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और सभी को हमारे साथ जुड़ने के लिए प्रेरित करना है ताकि हम अपने घरों और देश को नशा मुक्त बना सकें।"

सीमावर्ती क्षेत्रों में जागरूकता:
यह रैली कठुआ से शुरू होकर विभिन्न सीमावर्ती क्षेत्रों से गुजरते हुए पूंछ पहुंचेगी। रास्ते में, बाइकर्स स्थानीय समुदायों के साथ संवाद करेंगे, नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाएंगे और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।

सुरक्षा बलों का समर्थन:
सीमा सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस ने इस अभियान को अपना समर्थन दिया है। उन्होंने रैली के सुरक्षित संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं और बाइकर्स को हर संभव सहायता प्रदान की है।

समाज की प्रतिक्रिया:
स्थानीय समुदायों ने इस पहल का स्वागत किया है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "यह देखकर गर्व होता है कि हमारी महिलाएं नशे के खिलाफ इस तरह का साहसिक कदम उठा रही हैं। यह हमारे युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।"

नशामुक्ति की दिशा में कदम:
यह रैली समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। महिलाओं की इस पहल से यह सिद्ध होता है कि यदि समाज के सभी वर्ग मिलकर प्रयास करें, तो नशे जैसी बुराई को जड़ से मिटाया जा सकता है।

कठुआ से पूंछ तक की यह महिला बाइक रैली न केवल नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश है, बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण का भी प्रतीक है। यह पहल समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

Thanks to all the readers for their 3+ Years of dedication and trust
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief