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झारखंड

डीजीपी अनुराग गुप्ता की सख्त कार्रवाई: अनुशासनहीनता पर कड़ी नजर

डीजीपी अनुराग गुप्ता की सख्त कार्रवाई: अनुशासनहीनता पर कड़ी

By अजय त्यागी
1 min read
झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग गुप्ता

झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग गुप्ता

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झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग गुप्ता ने हाल ही में एक सख्त आदेश जारी किया है, जिसका उद्देश्य पुलिस बल में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को बढ़ावा देना है। यह आदेश उन पुलिसकर्मियों को चिन्हित करने के लिए जारी किया गया है, जो अपने कर्तव्यों का सही तरीके से पालन नहीं कर रहे हैं या जिनके संबंध माफियाओं और अपराधियों से जुड़े हैं।

पुलिस की छवि सुधारने की आवश्यकता
झारखंड पुलिस पर अक्सर आरोप लगते रहे हैं कि कई पुलिसकर्मी ड्यूटी से गायब रहते हैं, जबकि कुछ भू-माफियाओं और अपराधियों से मिलीभगत रखते हैं। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, DGP गुप्ता ने पुलिस की छवि को सुधारने और जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है।

सात बिंदुओं पर होगी जांच
DGP अनुराग गुप्ता ने सात प्रमुख बिंदुओं के आधार पर पुलिसकर्मियों की जांच रिपोर्ट मांगी है:

  1. पूर्व में कार्रवाई झेल चुके पुलिसकर्मी: वे पुलिसकर्मी, जिन पर आम नागरिकों और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लग चुके हैं और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो चुकी है, उन्हें सूचीबद्ध किया जाएगा।
  2. अपराधियों और माफियाओं से संबंध रखने वाले पुलिसकर्मी: जो भू-माफियाओं, अपराधियों और अन्य असामाजिक तत्वों के संपर्क में हैं और उनके साथ सांठगांठ रखते हैं, उन पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
  3. कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मी: वे पुलिसकर्मी, जो अक्सर ड्यूटी से नदारद रहते हैं या अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन नहीं करते, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
  4. ड्यूटी के दौरान शराब सेवन करने वाले पुलिसकर्मी: पुलिस विभाग में ड्यूटी के दौरान शराब सेवन की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे पुलिसकर्मियों को अब बख्शा नहीं जाएगा।
  5. बिना अनुमति छुट्टी बढ़ाने वाले पुलिसकर्मी: जो पुलिसकर्मी बिना उचित कारण के अपनी छुट्टी को अनावश्यक रूप से बढ़ाते हैं और बिना अनुमति ड्यूटी से नदारद रहते हैं, उन पर भी कार्रवाई होगी।
  6. वरिष्ठ अधिकारियों से दुर्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मी: ऐसे पुलिसकर्मी, जिन पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप हैं, उन्हें भी चिन्हित कर दंडित किया जाएगा।
  7. भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिसकर्मी: जो पुलिसकर्मी भ्रष्टाचार में शामिल हैं या जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले लंबित हैं, उनकी भी जांच होगी और आवश्यकतानुसार उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश
पुलिस मुख्यालय ने राज्य भर के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे पुलिसकर्मियों की पहचान कर रिपोर्ट तैयार करें। यह रिपोर्ट पुलिस बल में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार की जाएगी।

पुलिस विभाग में खलबली
इस आदेश के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई है। कई पुलिसकर्मी, जो लापरवाह रहे हैं या जिन पर संदेह है, अब खुद को बचाने के प्रयास में लगे हुए हैं। वहीं, ईमानदार और कर्तव्यपरायण पुलिसकर्मियों ने इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि इससे पुलिस विभाग में पारदर्शिता और अनुशासन बढ़ेगा।

जनता की उम्मीदें
झारखंड की जनता इस पहल से आशान्वित है कि पुलिस विभाग में सुधार होगा और कानून व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा। DGP अनुराग गुप्ता के इस कदम से पुलिस बल में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को बढ़ावा मिलेगा, जिससे जनता का विश्वास पुलिस पर और मजबूत होगा।

DGP अनुराग गुप्ता द्वारा जारी यह सख्त आदेश झारखंड पुलिस में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल पुलिस बल में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जनता का विश्वास भी पुलिस पर और मजबूत होगा। अब देखना यह है कि इस आदेश का प्रभाव जमीन पर कितना दिखाई देता है और पुलिस विभाग में कितनी पारदर्शिता और सुधार होता है।

Thanks to all the readers for their 3+ Years of dedication and trust
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief