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पूर्वी फ़ूजी की धरती पर भारत-जापान की आतंकवाद विरोधी रणनीति का अभ्यास

पूर्वी फ़ूजी की धरती पर भारत-जापान की आतंकवाद विरोधी रणनीति

By अजय त्यागी
1 min read
आतंकवाद विरोधी रणनीति का अभ्यास

आतंकवाद विरोधी रणनीति का अभ्यास

दुनिया के बदलते सुरक्षा परिदृश्य में, अंतर्राष्ट्रीय सैन्य सहयोग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इसी संदर्भ में, भारत और जापान की सेनाएं 'धर्म गार्जियन 2025' नामक संयुक्त सैन्य अभ्यास में हिस्सा ले रही हैं, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियानों में परस्पर सहयोग और समन्वय को बढ़ाना है।

अभ्यास का उद्देश्य और महत्व:
'धर्म गार्जियन' भारत और जापान के बीच एक वार्षिक सैन्य अभ्यास है, जो बारी-बारी से दोनों देशों में आयोजित होता है। इस वर्ष का अभ्यास 24 फरवरी से 9 मार्च 2025 तक जापान के पूर्वी फ़ूजी युद्धाभ्यास प्रशिक्षण क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए दोनों सेनाओं के बीच अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ाना और संयुक्त रणनीतियों का विकास करना है। 

प्रतिभागी दल और उनकी भूमिका:
इस अभ्यास में भारतीय सेना की 120 सैनिकों की टुकड़ी, मुख्य रूप से मद्रास रेजिमेंट से, भाग ले रही है। वहीं, जापान ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्स (JGSDF) की 34वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट के 120 सैनिक भी इस अभ्यास का हिस्सा हैं। दोनों दल संयुक्त रूप से शहरी युद्ध कौशल, सामरिक योजना, और आतंकवाद विरोधी अभियानों में अपने अनुभव और तकनीकों का आदान-प्रदान करेंगे। 

प्रशिक्षण का फोकस:
अभ्यास के दौरान, सैनिक संयुक्त योजना, सामरिक अभ्यास, और आपदा प्रतिक्रिया रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। यह प्रशिक्षण परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने, युद्ध कौशल में सुधार, और प्रभावी संयुक्त संचालन के लिए अंतर-संचालन को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। 

पिछले अभ्यासों की समीक्षा:
'धर्म गार्जियन' का पिछला संस्करण फरवरी-मार्च 2024 में राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित किया गया था, जहां दोनों देशों की सेनाओं ने रेगिस्तानी क्षेत्रों में संयुक्त अभ्यास किया था। इस वर्ष, शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियानों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जो वर्तमान वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में अत्यंत प्रासंगिक है। 

द्विपक्षीय संबंधों में वृद्धि:
यह संयुक्त अभ्यास भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा, जिससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। यह अभ्यास क्षेत्रीय सुरक्षा, शांति, और स्थिरता के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। 

'धर्म गार्जियन 2025' अभ्यास भारत और जापान की सेनाओं के बीच आपसी विश्वास, समझ, और सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह न केवल दोनों देशों की सैन्य क्षमताओं को सुदृढ़ करेगा, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा में भी योगदान देगा।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief