WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
राजस्थान

राजस्थान के धौलपुर में जलप्लावन: नगर व्यवस्था की खुली पोल

राजस्थान के धौलपुर में जलप्लावन: नगर व्यवस्था की खुली पोल

By अजय त्यागी
1 min read
धौलपुर में जलप्लावन

धौलपुर में जलप्लावन

Thanks to all the readers for their 3+ Years of dedication and trust

राजस्थान के धौलपुर जिले में हुई मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीते कुछ दिनों से जारी भारी वर्षा के कारण, शहर के अधिकांश हिस्सों में गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सड़कों, गलियों और यहां तक कि कई आवासीय कॉलोनियों में पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर तो कमर तक पानी देखा जा रहा है, जिसने राहगीरों और वाहन चालकों के लिए आवागमन को असंभव बना दिया है। यह स्थिति नगर परिषद और जिला प्रशासन द्वारा मानसून से पहले किए गए दावों पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है, क्योंकि थोड़ी सी बारिश ने ही उनके इंतजामों की पोल खोल दी है।

कुप्रबंधन और निकासी व्यवस्था की विफलता

जलभराव की इस गंभीर समस्या का मुख्य कारण शहर की जल निकासी प्रणाली का दोषपूर्ण होना बताया जा रहा है। नालों की नियमित और समुचित सफाई न होने के कारण वे अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे बारिश का पानी आसानी से निकल नहीं पा रहा है। कई इलाकों में तो तीन-तीन फीट तक पानी जमा हो गया है, जिससे घरों में सीलन और कीचड़ की समस्या पैदा हो गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए गए। कुछ क्षेत्रों में तीन साल से भी अधिक समय से जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे कच्चे मकानों के गिरने का खतरा मंडरा रहा है और सांप जैसे जहरीले जीव भी घरों में प्रवेश कर रहे हैं।

आम जनजीवन पर गहराता संकट

जलभराव के कारण धौलपुर में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्कूल-कॉलेज और दुकानें बंद हो गई हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई और व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। सड़कों पर जलजमाव के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि रुके हुए पानी से डेंगू, मलेरिया और अन्य जल-जनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। यह स्थिति न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक रूप से भी धौलपुर के निवासियों के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई है। आवश्यक है कि प्रशासन इस समस्या के स्थायी समाधान हेतु तुरंत कदम उठाए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी से बचा जा सके और शहरवासी सामान्य जीवन जी सकें।

Thanks to all the readers for their 3+ Years of dedication and trust
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief