वर्तनी की जंग: छात्रों ने दिखाया भाषाई कौशल का अद्भुत प्रदर्शन
वर्तनी की जंग: छात्रों ने दिखाया भाषाई कौशल का अद्भुत प्रदर्
छात्रों ने दिखाया भाषाई कौशल
भीलवाड़ा स्थित श्री महेश सेवा समिति द्वारा संचालित श्री महेश पब्लिक स्कूल, प्राइमरी विंग में कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए स्पैल-ए-थॉन इंटर हाउस प्रतियोगिता के फाइनल राउंड का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता न केवल छात्रों की वर्तनी दक्षता को परखने का एक मंच बनी, बल्कि इसने उन्हें मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से भाषा कौशल सीखने के लिए भी प्रेरित किया। इस आयोजन में समिति के कोषाध्यक्ष राजेश बाहेती और निर्देशक दिनेश शारदा सहित अभिभावक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
उत्साह से भरे छात्रों का प्रदर्शन
प्रतियोगिता के प्री-राउंड में चयनित छात्रों ने फाइनल राउंड में पहुँचकर अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस स्पैल-ए-थॉन ने बच्चों को अपनी वर्तनी की क्षमता को प्रदर्शित करने का अवसर दिया, साथ ही विभिन्न मजेदार गतिविधियों के माध्यम से वर्तनी सीखने में उनकी रुचि को भी बढ़ाया। यह एक अभिनव तरीका था जिससे छात्र बिना किसी दबाव के अपनी शब्दावली और उच्चारण कौशल को निखार सके।
टैगोर हाउस ने मारी बाजी
प्रतियोगिता में वर्तनी के विभिन्न पहलुओं का परीक्षण किया गया, जिससे छात्रों को अपनी शब्दावली और वर्तनी कौशल का व्यापक प्रदर्शन करने का मौका मिला। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद, टैगोर हाउस ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विजय हासिल की। विजेता प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्हें भविष्य में बेहतर करने की प्रेरणा मिली।
प्रधानाचार्या और पदाधिकारियों का प्रोत्साहन
विद्यालय की प्रधानाचार्या निधि झा भार्गव ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं छात्रों को शिक्षा में अच्छे परिणामों के लिए प्रतिस्पर्धा करना सिखाती हैं और उनके भाषा कौशल का विकास करती हैं। कोषाध्यक्ष राजेश बाहेती ने बताया कि ये प्रतियोगिताएं छात्रों को वर्तनी, संचार और उच्चारण में सुधार के लिए प्रेरित करती हैं। निर्देशक दिनेश शारदा ने जोर दिया कि ऐसे आयोजनों से छात्रों की एकाग्रता और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में वृद्धि होती है।
अभिभावकों की सराहना और भविष्य की उम्मीद
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने विद्यालय की प्रधानाचार्या और प्रशासन की भरपूर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यालय में लगातार होते रहने चाहिए, क्योंकि ये बच्चों में आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा की भावना का विकास करते हैं, जो उनके समग्र व्यक्तित्व निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह प्रतियोगिता छात्रों के शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास के लिए एक सकारात्मक कदम साबित हुई।