टपकती छत से मिली मुक्ति: जन मंच ने झुग्गी-झोपड़ियों में लगाए तिरपाल
टपकती छत से मिली मुक्ति: जन मंच ने झुग्गी-झोपड़ियों में लगाए
जन मंच ने झुग्गी-झोपड़ियों में लगाए तिरपाल
भीलवाड़ा में लगातार हो रही बारिश से परेशान गरीब परिवारों के लिए राजस्थान जन मंच एक बड़ा सहारा बनकर सामने आया है। भाजपा नेता और राजस्थान जन मंच के अध्यक्ष कैलाश सोनी के नेतृत्व में, संगठन ने काशीपुरी रोड के वाल्मीकि नगर में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले 21 निर्धन परिवारों को तिरपाल रूपी फ्लेक्स शीट प्रदान की है। इस पहल का उद्देश्य टपकती हुई छतों से घरों के अंदर आ रहे बारिश के पानी को रोकना और उन्हें तत्काल राहत देना है।
बारिश से बेहाल थे परिवार
राजस्थान जन मंच के अध्यक्ष कैलाश सोनी ने बताया कि लगातार बारिश के कारण झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों की टूटी-फूटी छतों से पानी टपक रहा था। इससे बच्चे, बूढ़े, महिलाएं और पुरुष रातभर परेशान हो रहे थे। आंगन कच्चा होने के कारण हर तरफ कीचड़ फैल गया था, जिससे जीवनयापन बेहद मुश्किल हो गया था।
मानवीय पहल से मिली राहत
गरीब परिवारों की इस परेशानी को देखते हुए राजस्थान जन मंच ने तुरंत सहायता का फैसला लिया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने 21 झोपड़ियों की छत पर 10 फीट चौड़ी और 20 फीट लंबी तिरपाल रूपी फ्लेक्स शीट लगाई। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि बारिश का पानी घरों के अंदर न आए और परिवारों को कुछ राहत मिल सके।
सेवा में जुटे कार्यकर्ता
इस नेक कार्य को सफल बनाने में राजस्थान जन मंच के कई कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शिव प्रकाश चन्नाल, जय नारायण जोशी, रोहित भरावा, सोनू चन्नाल, कमलेश भारती, सुमित खोईवाल, भानु सालवी, अनुराग सुथार, देवेंद्र सिंह, मनोज कटवाल, जगदीश सेन, दीपक चन्नाल सहित कई अन्य सदस्यों ने मिलकर इस काम को पूरा किया।
सामुदायिक सहयोग का उदाहरण
यह पहल न केवल उन 21 परिवारों को तत्काल राहत दे रही है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे सामुदायिक संगठन आपदा के समय जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आ सकते हैं। राजस्थान जन मंच की यह पहल एक बड़ा उदाहरण पेश करती है, जो समाज के अन्य लोगों को भी सेवा और सहयोग के लिए प्रेरित करेगी।
आगे भी जारी रहेगी सेवा
कैलाश सोनी ने यह भी कहा कि उनका संगठन भविष्य में भी समाज के गरीब और जरूरतमंद तबके की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह की पहलें यह संदेश देती हैं कि सामाजिक संगठन केवल राजनीतिक गतिविधियों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज के कल्याण के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
रिपोर्ट - पंकज पोरवाल, भीलवाड़ा।