लद्दाख आंदोलन में तनाव: बीजेपी कार्यालय पर हमला, 30 से अधिक घायल
लद्दाख आंदोलन में तनाव: बीजेपी कार्यालय पर हमला, 30 से अधिक
लद्दाख आंदोलन में तनाव
लद्दाख को राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लेह में बुधवार को बुलाया गया बंद हिंसक हो उठा। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यालय और कई वाहनों पर हमला कर दिया, जिससे तनाव और बढ़ गया।
पुलिस फायरिंग में मौत का आरोप
अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मृतकों की मौत पुलिस की गोलीबारी में हुई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। यह घटनाक्रम तब हुआ जब मंगलवार शाम दो अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। ये लोग 10 सितंबर से भूख हड़ताल पर थे, जो 35 दिन तक चली।

सरकार से बातचीत विफल होने का आरोप
लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) ने आरोप लगाया है कि लद्दाख की मांगों को लेकर केंद्र सरकार से कई दौर की बातचीत विफल रही है। उनका दावा है कि सरकार ने उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया, जिसके कारण उन्हें यह आंदोलन शुरू करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे तब तक आंदोलन जारी रखेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से दो प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं:
राज्य का दर्जा: प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद अब पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए।
छठी अनुसूची: वे मांग कर रहे हैं कि लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किया जाए। इससे उनकी पहचान, संस्कृति और जमीन की सुरक्षा हो सकेगी।
![]()
VIDEO | Leh, Ladakh: Police fired teargas shells and resorted to baton charge after a group of youths allegedly turned violent and pelted stones amid a massive protest and shutdown.
— Press Trust of India (@PTI_News) September 24, 2025
The protest was held in support of the demand to advance the proposed talks with the Centre on… pic.twitter.com/ebFGf8AeBO