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अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस: भाषाओं को जोड़ने का उत्सव

अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस: भाषाओं को जोड़ने का उत्सव

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो : Internet

प्रतीकात्मक फोटो : Internet

अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस हर साल 30 सितंबर को मनाया जाता है, जो अनुवादकों और दुभाषियों के महत्वपूर्ण योगदान को पहचानने के लिए एक वैश्विक उत्सव है। यह दिन बाइबिल अनुवादक सेंट जेरोम की याद में मनाया जाता है, जिन्हें अनुवादकों का संरक्षक संत माना जाता है।

दिवस का महत्व

  • सांस्कृतिक पुल: अनुवादक विभिन्न संस्कृतियों को एक साथ लाते हैं, जिससे दुनिया भर में संवाद, समझ और सहयोग को बढ़ावा मिलता है।
  • पेशेवर मान्यता: यह दिन अनुवाद और दुभाषिया पेशे के महत्व को रेखांकित करता है और इन पेशेवरों के योगदान को मान्यता देता है।
  • वैश्विक शांति और विकास: अनुवादक शांति और वैश्विक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे राष्ट्रों के बीच विश्वास और समझ बढ़ती है। 

इतिहास

  • इस दिवस को मनाने का विचार सबसे पहले इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ ट्रांसलेटर्स (FIT) ने दिया था, जिसने 1953 में इसकी स्थापना की थी।
  • 1991 में, FIT ने 30 सितंबर को एक आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखा था।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने आधिकारिक तौर पर 2017 में इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस के रूप में घोषित किया। 

अनुवादकों की भूमिका

अनुवादक विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जैसे कि:

  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी: नई खोजों को अलग-अलग भाषाओं के माध्यम से पूरी दुनिया तक पहुंचाना।
  • राजनीति और कूटनीति: देशों के बीच समझौते और वार्तालाप अनुवाद के बिना संभव नहीं।
  • साहित्य और संस्कृति: भावनाओं और विचारों को नई भाषा में जीवंत करना।

निष्कर्ष

अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस अनुवादकों और दुभाषियों के महत्वपूर्ण योगदान को पहचानने और उनके काम को सम्मानित करने का एक अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि अनुवाद कैसे हमारी दुनिया को जोड़ता है और अलग-अलग संस्कृतियों के बीच एक पुल का काम करता है। 

लेखक: कुमुद रंजन सिंह

प्रख्यात समाजसेवी, चिंतक, विचारक, पत्रकार एवं अधिवक्ता।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

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Editor-in-Chief