ट्रम्प की नई चेतावनी: क्यूबा को तेल बेचने वाले देशों पर लगेगा भारी टैरिफ
ट्रम्प का हंटर क्यूबा को तेल दिया तो खैर नहीं
Trump Threatens Massive Tariffs on Nations Selling Oil to Cuba Mexico Caught in the Crossfire
पूरी दुनिया की नजरें एक बार फिर व्हाइट हाउस पर टिकी हैं, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक ऐसा आदेश जारी किया है जो वैश्विक व्यापार की दिशा बदल सकता है। "बहुत देर होने से पहले समझौता कर लो,"—ट्रम्प की इस सीधी चेतावनी ने न केवल क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार की नींद उड़ा दी है, बल्कि मेक्सिको जैसे पड़ोसी देशों को भी एक बड़े धर्मसंकट में डाल दिया है। क्या ट्रम्प का यह 'टैरिफ वार' क्यूबा की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर देगा? आइए जानते हैं इस बड़े फैसले की पूरी कहानी।
ट्रम्प का क्यूबा पर 'आर्थिक प्रहार'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को एक कड़ा कार्यकारी आदेश (Executive Order) हस्ताक्षरित किया है। इस आदेश के तहत उन सभी देशों पर अतिरिक्त टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की धमकी दी गई है जो क्यूबा को तेल की आपूर्ति करते हैं। ट्रम्प का यह कदम द्वीप राष्ट्र पर दबाव बढ़ाने की उनकी "मैक्सिमम प्रेशर" नीति का हिस्सा है।
राष्ट्रीय आपातकाल और सुरक्षा का हवाला
ट्रम्प ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का उपयोग करते हुए क्यूबा के मामले में 'राष्ट्रीय आपातकाल' घोषित किया है। आदेश में क्यूबा की सरकार को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक "असाधारण खतरा" बताया गया है। ट्रम्प का तर्क है कि क्यूबा का शासन रूस, चीन और ईरान जैसे देशों के साथ-साथ हमास और हिजबुल्लाह जैसे आतंकवादी समूहों को समर्थन और पनाह देता है।
मेक्सिको पर बढ़ा दबाव
इस आदेश का सबसे बड़ा असर मेक्सिको पर पड़ने की संभावना है। मेक्सिको के सरकारी तेल उपक्रम Pemex ने हाल के महीनों में क्यूबा को तेल की बड़ी खेप भेजी है। हालांकि, मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम (Claudia Sheinbaum) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन खबरों पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया कि क्या वे तेल की आपूर्ति रोकेंगी, लेकिन उन्होंने क्यूबा के साथ "एकजुटता" दिखाने की बात दोहराई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रम्प के दबाव में मेक्सिको पहले ही अपनी तेल आपूर्ति में कटौती करना शुरू कर चुका है।
वेनेजुएला का कनेक्शन
क्यूबा लंबे समय से अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वेनेजुएला पर निर्भर था। लेकिन हाल ही में एक अमेरिकी सैन्य अभियान के माध्यम से निकोलस मादुरो को सत्ता से बेदखल करने और वेनेजुएला के तेल निर्यात पर नियंत्रण हासिल करने के बाद, अमेरिका ने क्यूबा को होने वाली आपूर्ति पूरी तरह ठप कर दी है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट कहा, "अब क्यूबा को कोई तेल या पैसा नहीं जाएगा—जीरो!"
क्यूबा की प्रतिक्रिया और आर्थिक संकट
क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिग्ज (Bruno Rodriguez) ने इस कदम को "बर्बर आक्रामकता" करार दिया है। उन्होंने 'X' पर लिखा कि क्यूबा 65 वर्षों से सबसे क्रूर आर्थिक नाकेबंदी का सामना कर रहा है। वर्तमान में क्यूबा अपने इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है, जहां 20-20 घंटे की बिजली कटौती हो रही है और भोजन-दवाइयों की भारी किल्लत है।