बजट 2026 पर अशनीर ग्रोवर का गुस्सा: बोले— "टाइम वेस्ट किया"
बजट 2026 पर अशनीर ग्रोवर का गुस्सा बोले टाइम वेस्ट किया
बजट 2026 पर अशनीर ग्रोवर का गुस्सा: बोले— टाइम वेस्ट किया
जब भी बजट आता है, आम आदमी से लेकर उद्योगपतियों तक सबकी निगाहें टीवी स्क्रीन पर टिकी होती हैं। लेकिन इस बार बजट 2026 को लेकर सोशल मीडिया पर जिस शख्स के बयान ने सबसे ज्यादा आग लगाई है, वह हैं भारतपे (BharatPe) के सह-संस्थापक और 'शार्क टैंक इंडिया' (Shark Tank India) के पूर्व जज अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover)। अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर अशनीर ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण की तुलना शार्क टैंक के उस खराब 'पिच' से कर दी है, जहाँ वह कंटेस्टेंट को बुरी तरह फटकार लगाते थे। आखिर क्यों अशनीर को लगा कि देश का 1.5 घंटे का कीमती समय बर्बाद हो गया?
बजट 2026 और अशनीर ग्रोवर का 'बिल्कुल टाइम वेस्ट' रिएक्शन
रविवार, 1 फरवरी 2026 को जैसे ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने संसद में अपना लगातार 9वां बजट भाषण समाप्त किया, अशनीर ग्रोवर ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक ऐसा पोस्ट किया जिसने मिनटों में तहलका मचा दिया। अशनीर ने लिखा, "यह बजट मुझे शार्क टैंक में एक पिचर को दी गई मेरी फटकार की याद दिलाता है: 'बिल्कुल टाइम वेस्ट किया आपने – अपना भी और हमारा भी!'" अशनीर का यह ट्वीट उस समय आया जब शेयर बाजार (Dalal Street) में बजट के बाद भारी गिरावट देखी गई और मध्यम वर्ग आयकर स्लैब में कोई बदलाव न होने से मायूस था।
स्टार्टअप इकोसिस्टम और गिरती इन्वेस्टमेंट पर चिंता
अशनीर ने केवल मजाक ही नहीं किया, बल्कि बजट से पहले News18 को दिए एक साक्षात्कार में भारतीय अर्थव्यवस्था और स्टार्टअप क्षेत्र की गंभीर चुनौतियों को भी रेखांकित किया था। उन्होंने तर्क दिया कि 2021 के पीक के बाद, 2022 से 2025 तक स्टार्टअप्स में निवेश लगातार गिरता जा रहा है। उन्होंने कहा, "भले ही हम आईपीओ (IPOs) के माध्यम से एग्जिट का जश्न मना रहे हों, लेकिन जो निवेशक पैसा निकाल रहे हैं, वे उसे वापस सिस्टम में नहीं लगा रहे हैं।"
मुद्रा की गिरावट और अर्थव्यवस्था का गणित
अशनीर ने गिरते रुपये (Currency) पर भी सवाल उठाए, जो फिलहाल 92 के स्तर के करीब है। उन्होंने कहा कि एफडीआई (FDI) और कैपिटल इनफ्लो (Capital Inflow) में कमी ही रुपये की इस कमजोरी का असली कारण है। विदेशी निवेशक भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर उतने उत्साहित नहीं हैं जितना दिखाया जा रहा है। उनके अनुसार, रिटेल निवेशक कुछ समय तक भार उठा सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक यह टिकाऊ नहीं है।
जनसंख्या और आर्थिक असमानता पर विचार
पिछले साल SCREEN को दिए एक इंटरव्यू में भी अशनीर ने भारत की 140 करोड़ की आबादी को विकास की राह में एक चुनौती बताया था। उन्होंने कहा था कि जब तक हम पूरी तरह विकसित नहीं हो जाते, आर्थिक असमानता कम नहीं होगी। जब उनसे पूछा गया कि यदि उन्हें 'सामाजिक न्याय मंत्री' बना दिया जाए तो वे क्या करेंगे, तो उन्होंने हंसते हुए कहा— "कोई सरकार मेरे पास नहीं आने वाली! लेकिन सिद्धांत सरल है—जिनके पास पैसा है उनसे छीनकर बांटना समाधान नहीं है। समाधान सभी के लिए पर्याप्त रोजगार पैदा करना है ताकि हर कोई अपनी कमाई के लिए काम कर सके।"
अशनीर ग्रोवर का सफर
अशनीर ग्रोवर ने 2018 में शाश्वत नकरानी (Shashvat Nakrani) के साथ मिलकर भारतपे की नींव रखी थी। 'शार्क टैंक इंडिया' के पहले सीजन में उनके "डोगलापन" वाले डायलॉग्स ने उन्हें पॉप-कल्चर का हिस्सा बना दिया। हाल ही में उन्होंने Amazon MXPlayer पर 'राइज एंड फॉल' (Rise and Fall) नाम का एक रियलिटी शो होस्ट किया है।