कोस्ट गार्ड का बड़ा प्रहार: अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी गिरोह का पर्दाफाश
कोस्ट गार्ड का बड़ा प्रहार: अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी गिरोह का
कोस्ट गार्ड का बड़ा प्रहार
भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने मुंबई के तट से दूर गहरे समंदर में एक ऐसी साहसिक कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय तेल माफियाओं के होश उड़ा दिए हैं। 7 फरवरी, 2026 को जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कोस्ट गार्ड ने डिजिटल निगरानी और सटीक रणनीति के जरिए समंदर के बीचों-बीच चल रहे एक बड़े तेल तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यह ऑपरेशन न केवल भारत की समुद्री सुरक्षा को पुख्ता करता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नियमों को ताक पर रखने वाले अपराधियों के लिए एक कड़ी चेतावनी भी है।
ऑपरेशन की पूरी रिपोर्ट और चौंकाने वाले तथ्य
भारतीय तटरक्षक बल ने शनिवार को खुलासा किया कि उन्होंने मुंबई तट से लगभग 100 समुद्री मील पश्चिम में एक सुनियोजित ऑपरेशन चलाकर तीन संदिग्ध जहाजों को अपने कब्जे में लिया है। यह कार्रवाई 5 और 6 फरवरी के बीच की गई थी। जांच में सामने आया कि ये जहाज अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में "मिड-सी ट्रांसफर" (समुद्र के बीचों-बीच सामान की अदला-बदली) के जरिए युद्धग्रस्त और संघर्षरत देशों से सस्ता तेल और पेट्रोलियम उत्पाद लाकर तस्करी कर रहे थे।
जहाजों की कार्यप्रणाली (Modus Operandi): ICG के अनुसार, तस्करी का यह सिंडिकेट बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था। ये जहाज कानून प्रवर्तन एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए बार-बार अपनी पहचान और नाम बदल लेते थे। गिरोह के हैंडलर अलग-अलग देशों में बैठकर इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। इनका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में सस्ता तेल खरीदकर उसे चोरी-छिपे मोटर टैंकरों में भरना और भारत जैसे तटीय देशों को देय सीमा शुल्क (Duties) की चोरी करके मोटा मुनाफा कमाना था।
तकनीक और डिजिटल सर्विलांस का उपयोग: तटरक्षक बल ने बताया कि उनकी "टेक-इंक्लूसिव" प्रणालियों ने भारतीय विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में एक मोटर टैंकर की संदिग्ध गतिविधियों को पकड़ा। इसके बाद डिजिटल जांच और डेटा पैटर्न विश्लेषण के जरिए दो अन्य संदिग्ध जहाजों की पहचान की गई जो तस्करी के खेल में शामिल थे। ICG की विशेष बोर्डिंग टीमों ने जहाजों पर चढ़कर इलेक्ट्रॉनिक डेटा की पड़ताल की और चालक दल से कड़ी पूछताछ की, जिससे अपराधियों के पूरे नेटवर्क का कच्चा चिट्ठा खुल गया।
आधिकारिक बयान: भारतीय तटरक्षक बल ने अपने बयान में कहा:
"यह साहसिक मिड-सी ऑपरेशन भारत को समुद्री सुरक्षा के 'नेट प्रोवाइडर' और अंतरराष्ट्रीय नियमों के रक्षक के रूप में स्थापित करता है। हमने जहाजों के दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के जरिए अपराधियों के तौर-तरीकों की पुष्टि की है।"
अब इन जहाजों को आगे की जांच के लिए मुंबई लाया जा रहा है, जहाँ इन्हें भारतीय सीमा शुल्क (Customs) और अन्य जांच एजेंसियों के हवाले कर दिया जाएगा। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इन जहाजों के असली मालिक विदेशी धरती पर बैठे हैं।
On 6 Feb 2026, the Indian Coast Guard intercepted three vessels about 100 nautical miles west of Mumbai, uncovering an international oil smuggling racket using mid-sea transfers. The operation, combining digital surveillance and specialist boarding teams, identified a network of… pic.twitter.com/rP50LYYl5u
— IANS (@ians_india) February 7, 2026