इंफाल धमाके की गुत्थी सुलझी: सुरक्षा बलों के हत्थे चढ़े तीन आतंकी
इंफाल धमाके की गुत्थी सुलझी: सुरक्षा बलों के हत्थे चढ़े तीन आ
प्रतीकात्मक फोटो : Rex TV India
मणिपुर की शांत वादियों को धमाके से दहलाने की साजिश रचने वालों पर सुरक्षा बलों ने कड़ा प्रहार किया है। इंफाल पश्चिम जिले में हुए हालिया बम विस्फोट की जांच कर रही पुलिस ने तीन दिनों के भीतर ही मुख्य आरोपियों को दबोचकर एक बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई न केवल सुरक्षा व्यवस्था की मुस्तैदी को दर्शाती है, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय प्रतिबंधित संगठनों के नेटवर्क पर भी एक बड़ा प्रहार है।
घटना का विवरण और गिरफ्तारी का क्रम
इंफाल पश्चिम जिले के लिलोंग चाजिंग (Lilong Chajing) इलाके में तीन दिन पहले एक शक्तिशाली बम विस्फोट हुआ था। इस घटना के बाद से ही स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर थीं। पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मंगलवार (10 फरवरी 2026) को इस मामले में बड़ी प्रगति हुई। पिछले दो दिनों के दौरान चलाए गए सघन तलाशी अभियान के तहत इंफाल पूर्वी और पश्चिमी जिलों के अलग-अलग स्थानों से तीन सक्रिय उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के बयान के मुताबिक, पकड़े गए ये आतंकी प्रतिबंधित संगठन कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी-अपुनबा (KCP-Apunba) के सक्रिय सदस्य हैं। इनकी गिरफ्तारी उस समय हुई जब पुलिस की विशेष टीमें खुफिया सूचनाओं के आधार पर संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही थीं।
बरामदगी और जांच के महत्वपूर्ण तथ्य
सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार किए गए इन उग्रवादियों के पास से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार:
तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक पिस्तौल और भारी मात्रा में जीवित गोला-बारूद जब्त किया गया है।
यह विस्फोट लिलोंग चाजिंग मामंग लीकाई में पीएमजीएसवाई (PMGSY) के कार्यकारी इंजीनियर पूयम राजेंद्र सिंह के घर के पास हुआ था।
सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों को एक सफेद जिप्सी में आते और ग्रेनेड फेंकते हुए देखा गया था, जिससे जांच में अहम सुराग मिले।
पुलिस का आधिकारिक पक्ष
मणिपुर पुलिस ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि "लिलोंग चाजिंग क्षेत्र में हुए बम विस्फोट की जांच के बाद, पिछले दो दिनों में इंफाल पश्चिम और पूर्व जिलों के विभिन्न स्थानों से प्रतिबंधित केसीपी (अपुनबा) के तीन सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया गया है।" अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य में मई 2023 से चल रहे जातीय संघर्ष के बाद से ही सुरक्षा बल लगातार तलाशी अभियान और क्षेत्र प्रभुत्व (Area Domination) की कार्रवाई कर रहे हैं। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा है।
मणिपुर में जारी अस्थिरता के बीच इस तरह की गिरफ्तारियां कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही हैं। सुरक्षा बलों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।