सूबे सिंह की जांबाजी: बीकानेर रेल मंडल ने सम्मानित किया रियल हीरो
सूबे सिंह की जांबाजी: बीकानेर रेल मंडल ने सम्मानित किया रियल
बीकानेर रेल मंडल ने सम्मानित किया रियल हीरो
भारतीय रेलवे में संरक्षा केवल एक नियम नहीं, बल्कि एक अटूट प्रतिबद्धता है। हाल ही में बीकानेर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान एक ऐसी ही वीरता की कहानी सामने आई, जिसने यह साबित कर दिया कि एक रेलकर्मी की सतर्कता किसी परिवार का चिराग बुझने से बचा सकती है। यह वाकया महज एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि उस साहस का उत्सव था जिसने मौत को मात दे दी।
शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 को मंडल रेल प्रबंधक (बीकानेर) गौरव गोविल की अध्यक्षता में एक सुरक्षा समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस दौरान रेवाड़ी मुख्यालय के पॉइंट्समेन सूबे सिंह को उनके असाधारण साहस के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र के साथ 1000 रुपये का नकद पुरस्कार भेंट किया गया।
घटना 31 जनवरी 2026 की है, जब प्रयागराज मंडल के नैनी स्टेशन पर माघ मेले के कारण भारी भीड़ थी। एक यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में असंतुलित होकर प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच के खतरनाक गैप की ओर जाने लगा। वहां तैनात सूबे सिंह ने बिना अपनी जान की परवाह किए, बिजली जैसी फुर्ती दिखाई और यात्री को सुरक्षित खींच लिया। उनकी इस त्वरित सजगता ने एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।
समारोह में मंडल रेल प्रबंधक गौरव गोविल ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा, "संरक्षा भारतीय रेल की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सूबे सिंह जैसी कर्तव्यनिष्ठा और सजगता अन्य सभी रेलकर्मियों के लिए एक महान प्रेरणास्रोत है।" इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी अंकुर कुमार झींगोंनियाँ और वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबन्धक जयप्रकाश सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने सूबे सिंह के मानवीय दृष्टिकोण की सराहना की।