रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात: पिता ने सोती हुई जुड़वां बेटियों का गला रेता
रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात: पिता ने सोती हुई जुड़वां बे
प्रतीकात्मक फोटो : Rex TV India
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र में रविवार की तड़के एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। किदवई नगर के के-ब्लॉक स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट फेज-2 में रहने वाले एक पिता ने कथित तौर पर अपनी ही 11 वर्षीय जुड़वां बेटियों की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। यह वारदात उस समय हुई जब मासूम बच्चे गहरी नींद में थे और उन्हें इस बात का आभास तक नहीं था कि जिस पिता की बांहों में वे सुरक्षा महसूस करते हैं, वही हाथ उनकी जीवनलीला समाप्त करने के लिए खंजर उठा लेंगे। सुबह करीब 4:30 बजे आरोपी ने खुद पुलिस को फोन कर इस भयावह कृत्य की जानकारी दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस भी खून से लथपथ बिस्तर देखकर दंग रह गई।
वारदात का विवरण और आरोपी का कबूलनामा
घटना रविवार, 19 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 2:00 से 2:30 बजे के बीच की बताई जा रही है। मूल रूप से बिहार के गया जिले का निवासी शशी रंजन मिश्रा, जो पेशे से एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) है, अपने परिवार के साथ त्रिमूर्ति अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर किराए के फ्लैट में रहता था। उसके परिवार में पत्नी रेशमा, 11 साल की जुड़वां बेटियां रिद्धि और सिद्धि, और 6 साल का बेटा रुद्रव शामिल हैं। रिद्धि और सिद्धि पास के ही 'मदर टेरेसा मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल' में कक्षा 5 की छात्राएं थीं।
दक्षिण क्षेत्र के डीसीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी के अनुसार, जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो दोनों बच्चियों के शव कमरे में बिस्तर पर पड़े थे। आरोपी शशी रंजन ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने मौके से हत्या में प्रयुक्त स्टील का क्लीवर (बड़ा चाकू) भी बरामद कर लिया है। जिस समय यह जघन्य अपराध हुआ, शशी रंजन अपनी दोनों बेटियों के साथ एक कमरे में सो रहा था, जबकि उसकी पत्नी रेशमा और बेटा दूसरे कमरे में थे। घर के हर कमरे में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे, जिसकी फुटेज अब पुलिस जांच का मुख्य आधार है।
पारिवारिक कलह और मनोवैज्ञानिक दबाव
पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। शशी रंजन की पत्नी रेशमा ने पुलिस को बताया कि उनके बीच अक्सर झगड़े होते थे, विशेष रूप से रेशमा के अपने मायके जाने को लेकर। रेशमा हाल ही में नौ महीने अपने मायके में रहकर आई थी, जिस दौरान दोनों बेटियां अपने पिता के साथ ही रह रही थीं।
पड़ोसियों और सहकर्मियों के अनुसार, शशी रंजन पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में भी था। वर्तमान में जारी पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल) युद्ध के कारण वैश्विक फार्मा सेक्टर पर गहरा असर पड़ा है, जिससे भारत में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स के काम और सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है। हालांकि, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या कार्यक्षेत्र के तनाव और घरेलू विवाद ने उसे इस आत्मघाती और क्रूर कदम की ओर धकेला।
नैतिक दृष्टिकोण और जांच की दिशा
कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब इस मामले को हर संभावित कोण से देख रही हैं। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटा लिए हैं और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने कहा कि आरोपी पुलिस हिरासत में है और पूरी गहराई से जांच की जा रही है कि क्या इस कृत्य के पीछे कोई तात्कालिक उकसावा था या यह सोची-समझी साजिश थी। यह घटना समाज में बढ़ते मानसिक तनाव और घरेलू हिंसा के खतरों के प्रति एक गंभीर चेतावनी है, जहाँ एक शिक्षित पेशेवर ने अपने ही घर को श्मशान बना दिया।