ऑनलाइन गेमिंग का खूनी अंजाम: बीएससी के छात्र ने खुद को मारी गोली
ऑनलाइन गेमिंग का खूनी अंजाम: बीएससी के छात्र ने खुद को मारी
प्रतीकात्मक फोटो : Rex TV India
हरियाणा के ग्रेटर फरीदाबाद में डिजिटल मनोरंजन के नाम पर फैल रहे ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के मकड़जाल ने एक होनहार छात्र की जान ले ली है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेक्टर-77 स्थित जल विहार वेलफेयर सोसाइटी में रहने वाले 22 वर्षीय आदित्य भाटी ने अपने ही घर में आत्मघाती कदम उठाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। यह घटना उस समय उजागर हुई जब दोपहर की शांति एक जोरदार धमाके में बदल गई और एक मां ने अपने बेटे को खून से लथपथ पाया। आदित्य वाईएमसीए यूनिवर्सिटी में बीएससी अंतिम वर्ष का छात्र था, जिसका भविष्य उज्ज्वल दिख रहा था, लेकिन स्क्रीन के पीछे छिपे कर्ज और हार के दबाव ने उसे मौत को गले लगाने पर मजबूर कर दिया। यह मामला केवल एक आत्महत्या नहीं है, बल्कि युवाओं में बढ़ती 'गेमिंग एडिक्शन' और उससे उपजे मानसिक तनाव की एक भयावह चेतावनी है, जो अब घरों के भीतर तक अपनी पैठ बना चुकी है।
वारदात का मंजर और परिवार की बेबसी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना बुधवार दोपहर करीब एक बजे की है। उस समय आदित्य के पिता सतीश घर पर मौजूद नहीं थे। आदित्य ने घर के भीतर ही खुद को बाथरूम में बंद कर लिया और अपने माथे पर गोली दाग दी। गोली की आवाज सुनकर मां सविता और उनका 11वीं कक्षा में पढ़ने वाला छोटा भाई सन्न रह गए। दोनों ने तत्काल बाथरूम की ओर दौड़ लगाई और कड़ी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़ा, लेकिन तब तक अनर्थ हो चुका था। परिजन घायल आदित्य को लेकर अस्पताल भागे, परंतु डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की प्रारंभिक जांच और बरामद साक्ष्यों पर बीपीटीपी थाना प्रभारी अरविंद ने आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया:
"हमने घटनास्थल से एक रजिस्टर बरामद किया है, जिसमें आदित्य ने अपनी व्यथा लिखी थी। सुसाइड नोट से स्पष्ट है कि वह गलत संगत में पड़कर ऑनलाइन गेमिंग की लत का शिकार हो गया था। इस लत के कारण उसने काफी पैसे गंवा दिए थे और कर्ज के बोझ तले दब गया था। इसी मानसिक हताशा में उसने अपने ताऊ, जो एक सेवानिवृत्त फौजी हैं, की लाइसेंसी रिवॉल्वर का उपयोग कर खुद को गोली मार ली। हमने हथियार कब्जे में ले लिया है और जांच जारी है।"
डिजिटल दलदल और अनभिज्ञ परिजन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आदित्य के परिजनों को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह इतने गहरे संकट में फंसा हुआ है। घर में सन्नाटा पसरा है और मां सविता का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता सतीश के अनुसार, आदित्य व्यवहार में सामान्य दिखता था, लेकिन स्क्रीन के पीछे वह कौन से दांव लगा रहा था, इसकी भनक किसी को नहीं लगी। पुलिस अब आदित्य के मोबाइल फोन, बैंक खातों के लेन-देन और कॉल हिस्ट्री की सघनता से जांच कर रही है ताकि उन लोगों और प्लेटफॉर्म्स की पहचान की जा सके, जिन्होंने उसे कर्ज के जाल में धकेला।
तकनीकी जांच और प्रशासनिक चिंता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस प्रशासन अब उन विशिष्ट ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स और सट्टेबाजी गिरोहों की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रहा है, जो छात्रों को निशाना बनाते हैं। नवीनतम अपडेट के अनुसार, फरीदाबाद पुलिस ने साइबर सेल की मदद से आदित्य के डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगालने शुरू कर दिए हैं। वर्तमान में शव का पोस्टमार्टम बादशाह खान अस्पताल में कराया गया है। यह घटना समाज के लिए एक कड़ा सबक है कि कैसे बिना उचित निगरानी के डिजिटल गैजेट्स मौत का औजार बन सकते हैं।