पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा: भविष्य को लेकर डरे हुए हैं छात्र
नीट यूजी 2026 पेपर लीक के बाद 21 जून को होने वाली पुनरीक्षा से जयपुर के छात्र अत्यधिक मानसिक दबाव और थकान महसूस कर रहे हैं।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
केंद्र सरकार द्वारा नीट-यूजी 2026 (NEET UG 2026) की परीक्षा को निरस्त कर आगामी 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित करने के फैसले ने देश भर के चिकित्सा परीक्षार्थियों के बीच खलबली मचा दी है। विशेष रूप से राजस्थान की राजधानी जयपुर, जो कोचिंग का एक बड़ा केंद्र है, वहां के छात्रों में इस निर्णय को लेकर गहरा असंतोष और निराशा देखी जा रही है। पेपर लीक के आरोपों के बाद लिए गए इस फैसले ने उन हजारों छात्रों के सपनों और मेहनत पर पानी फेर दिया है, जिन्होंने महीनों तक दिन-रात एक कर इस कठिन परीक्षा की तैयारी की थी। अब दोबारा परीक्षा देने का दबाव उनके मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।
जयपुर के छात्रों का दर्द और बढ़ता दबाव
जयपुर के एक कोचिंग संस्थान से बाहर निकलते समय एक परीक्षार्थी ने अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा कि उनकी तैयारी पिछले बार की तरह ही मजबूत थी और उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया था। लेकिन अब पुनरीक्षा की खबर ने उनके आत्मविश्वास को झकझोर कर रख दिया है। छात्र का कहना है कि वे पूरी तरह से मानसिक रूप से थक चुके हैं और अब ऐसा महसूस हो रहा है जैसे सारी उम्मीदें खत्म हो गई हों। दोबारा उसी ऊर्जा के साथ खुद को पढ़ाई में झोंकना उनके लिए किसी पहाड़ जैसी चुनौती से कम नहीं है। छात्र ने व्यवस्था पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि पेपर लीक अब एक स्थायी समस्या बनती जा रही है; पिछले साल भी ऐसी चर्चाएं थीं लेकिन वे सामने नहीं आईं, जबकि इस साल मामला उजागर हो गया।
भविष्य को लेकर अनिश्चितता और डर
एक अन्य छात्रा ने पेपर लीक के बाद उत्पन्न हुई स्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि परीक्षा का दबाव पहले से ही बहुत अधिक था, लेकिन इस घटना ने इसे असहनीय बना दिया है। महीनों की कड़ी मेहनत के बाद जब छात्रों को लगा था कि उनका चयन हो जाएगा और वे डॉक्टर बनने के अपने सपने के करीब पहुंच गए हैं, तभी इस खबर ने उन्हें फिर से शून्य पर लाकर खड़ा कर दिया। छात्रों के मन में सबसे बड़ा डर यह है कि यदि पेपर एक बार लीक हो सकता है, तो इस बात की क्या गारंटी है कि 21 जून को होने वाली परीक्षा सुरक्षित रहेगी? यह असुरक्षा की भावना छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने से रोक रही है।
शिक्षा प्रणाली और जवाबदेही पर सवाल
नीट परीक्षा में बार-बार होने वाली गड़बड़ियों ने भारत की राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जयपुर के शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल दोबारा परीक्षा कराना ही समाधान नहीं है। जब तक पेपर लीक के पीछे के असली दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती और तकनीक आधारित पुख्ता सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जाते, तब तक छात्रों का भरोसा जीतना नामुमकिन होगा। पेपर लीक जैसी घटनाएं न केवल छात्रों का समय बर्बाद करती हैं, बल्कि उनके माता-पिता द्वारा निवेश किए गए धन और उनकी भावनाओं को भी ठेस पहुँचाती हैं। राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली की खबरें पहले भी आती रही हैं, जिससे युवा वर्ग में व्यवस्था के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है।
छात्रों के लिए आगे की राह और चुनौतियां
अब जबकि परीक्षा की तारीख 21 जून तय कर दी गई है, छात्रों के पास तैयारी के लिए बेहद कम समय बचा है। जयपुर के विभिन्न छात्रावासों और लाइब्रेरी में सन्नाटा पसरा हुआ है, जहां छात्र बोझिल मन से दोबारा किताबें उठा रहे हैं। कई मनोचिकित्सकों ने इस दौरान छात्रों को धैर्य रखने और अत्यधिक तनाव न लेने की सलाह दी है। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में एक-एक अंक की लड़ाई छात्रों को चैन से बैठने नहीं दे रही है। सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के लिए यह परीक्षा आयोजित करना अब एक साख का सवाल बन गया है, क्योंकि किसी भी छोटी सी चूक का परिणाम लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
यह रिपोर्ट छात्रों के व्यक्तिगत बयानों और वर्तमान समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। परीक्षा के आयोजन और पेपर लीक की जांच से जुड़े अंतिम निर्णय संबंधित सरकारी निकायों द्वारा लिए जाएंगे। इस लेख का उद्देश्य केवल छात्रों की समस्याओं और प्रतिक्रियाओं को उजागर करना है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस रिपोर्ट के आधार पर होने वाले किसी भी शैक्षणिक या कानूनी निर्णय के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। पाठकों को आधिकारिक सरकारी सूचनाओं पर ही भरोसा करने की सलाह दी जाती है।
VIDEO | Rajasthan: Students from Jaipur react after the government announced the re-examination of NEET UG 2026 on June 21, 2026, following an alleged paper leak.
— Press Trust of India (@PTI_News) May 15, 2026
A student says, "Preparation was mostly the same as before, and I was trying my best. But now the pressure has… pic.twitter.com/tbAvcGp3CD