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शूटिंग में चमके बीकानेर के रवि व्यास: गोल्ड पर जमाया कब्जा

निशानेबाज रवि व्यास ने दिल्ली की कुमार सुरेन्द्र सिंह मेमोरियल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर बीकानेर का मान बढ़ाया है।

By अजय त्यागी
1 min read
रवि व्यास

रवि व्यास

देश की राजधानी दिल्ली में स्थित प्रतिष्ठित डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज एक बार फिर बीकानेर की खेल प्रतिभा की गवाह बनी है। यहाँ आयोजित राष्ट्रीय स्तर की 'कुमार सुरेन्द्र सिंह मेमोरियल शूटिंग चैंपियनशिप' में बीकानेर के अनुभवी निशानेबाज रवि व्यास ने अपनी अचूक एकाग्रता का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। रवि व्यास ने 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट की सीनियर मास्टर कैटेगरी में देश भर से आए दिग्गज निशानेबाजों को पछाड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनकी इस शानदार जीत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि मन में अटूट संकल्प और खेल के प्रति सच्चा जुनून हो, तो उम्र की सीमाएं सफलता की राह में कभी बाधा नहीं बन सकतीं।

निरंतरता और कड़ी मेहनत का सुखद परिणाम

रवि व्यास की यह स्वर्णिम सफलता उनकी वर्षों की साधना और निरंतर अभ्यास का प्रतिफल है। खेल के मैदान में उनकी सक्रियता और प्रदर्शन की निरंतरता काबिल-ए-तारीफ है। गौरतलब है कि इस स्वर्ण पदक से कुछ महीने पहले ही उन्होंने अहमदाबाद में आयोजित 50 मीटर फ्री पिस्टल स्पर्धा में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था, जहाँ उन्होंने कड़े मुकाबले के बीच कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) हासिल किया था। एक ही कैलेंडर वर्ष के भीतर दो अलग-अलग राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं में स्वर्ण और कांस्य पदक जीतना रवि व्यास के अनुभव और खेल की तकनीकी बारीकियों पर उनकी जबरदस्त पकड़ को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

सेवानिवृत्ति के बाद भी खेल के प्रति अटूट जज्बा

रवि व्यास की जीवन यात्रा उन सभी लोगों के लिए प्रेरणादायक है जो सेवानिवृत्ति के बाद सक्रिय जीवन को विराम दे देते हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद भी शूटिंग रेंज को अपना कर्मक्षेत्र बनाए रखा और नियमित रूप से अभ्यास को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया। दिल्ली की इस चैंपियनशिप में उनका स्कोर न केवल सीनियर मास्टर कैटेगरी में सर्वश्रेष्ठ रहा, बल्कि उनकी तकनीक ने वहां मौजूद युवा खिलाड़ियों को भी प्रभावित किया। कुमार सुरेन्द्र सिंह मेमोरियल चैंपियनशिप जैसी प्रतियोगिता में पदक जीतना किसी भी निशानेबाज के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जाता है, क्योंकि यहाँ चयन की प्रक्रिया और प्रतिस्पर्धा का स्तर अत्यंत कठिन होता है।

बीकानेर में जश्न और खेल जगत में हर्ष की लहर

जैसे ही रवि व्यास के स्वर्ण पदक जीतने की खबर राजस्थान के बीकानेर पहुंची, वहां के खेल गलियारों में खुशी की लहर दौड़ गई। बीकानेर की माटी के इस लाल की सफलता पर शहर के खेल प्रेमियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न खेल संघों ने हर्ष व्यक्त किया है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। खेल जगत से जुड़ी हस्तियों का कहना है कि रवि व्यास ने सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय पटल पर बीकानेर का नाम रोशन किया है। उनके मित्रों और शुभचिंतकों ने इस जीत को उनके धैर्य और अनुशासन की जीत बताया है, जो युवाओं के लिए एक जीवंत उदाहरण पेश करती है।

भविष्य की राह और उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा

रवि व्यास की इस उपलब्धि ने राजस्थान में शूटिंग के खेल को एक नई ऊंचाई प्रदान की है। अब उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर की मास्टर प्रतियोगिताओं में भी भारतीय तिरंगे का मान बढ़ाएंगे। उनकी यह जीत बीकानेर में निशानेबाजी के प्रति युवाओं के रुझान को और मजबूती प्रदान करेगी। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि रवि व्यास जैसे खिलाड़ियों का मार्गदर्शन बीकानेर की आगामी पीढ़ी के लिए वरदान साबित हो सकता है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो सफलता का शिखर दूर नहीं होता। बीकानेर को आज अपने इस 'गोल्डन' निशानेबाज पर गर्व है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह रिपोर्ट विभिन्न समाचार माध्यमों और उपलब्ध तथ्यों के विश्लेषण के आधार पर तैयार की गई है। खेल प्रतियोगिताओं के आधिकारिक स्कोर और परिणामों के लिए संबंधित खेल संघ (NRAI) के रिकॉर्ड को ही अंतिम माना जाना चाहिए। प्रस्तुत लेख का उद्देश्य केवल सूचनात्मक और प्रेरणादायक है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी व्यक्तिगत या व्यावसायिक निर्णय के परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief