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मौत को मात देकर लौटा युवक: बरेली में टिन शेड के साथ उड़कर गिरा दूर

बरेली में तूफान के दौरान टिन शेड की रस्सी पकड़े युवक के हवा में उड़ने का खौफनाक मंजर सामने आया, युवक गंभीर घायल है।

By अजय त्यागी
1 min read
तेज आंधी के साथ उड़ा युवक

तेज आंधी के साथ उड़ा युवक

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उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में एक विवाह समारोह के दौरान प्रकृति का ऐसा डरावना रूप देखने को मिला जिसने वहां मौजूद हर शख्स की रूह कपा दी। खुशियों के माहौल में सजे एक शादी पंडाल में उस समय अचानक अफरा-तफरी मच गई जब मौसम ने करवट ली और देखते ही देखते धूल भरी भीषण आंधी ने चक्रवात का रूप धारण कर लिया। मेहमान अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों की ओर भागने लगे। इसी बीच पंडाल के पास खड़ा 'नन्हे मियां' नाम का एक युवक सुरक्षा के उद्देश्य से टिन शेड से बंधी एक मजबूत रस्सी को पकड़कर खड़ा हो गया। उसे लगा कि रस्सी पकड़े रहने से वह आंधी के वेग का सामना कर पाएगा, लेकिन वह इस बात से अनजान था कि आने वाला पल उसके जीवन का सबसे भयानक अनुभव साबित होने वाला है।

आसमान में उड़ा युवक और प्रत्यक्षदर्शियों का खौफ

चश्मदीदों के अनुसार, हवा की गति इतनी विनाशकारी थी कि उसने जमीन में धंसे हुए भारी-भरकम टिन शेड को कागज के टुकड़े की तरह उखाड़ दिया। नन्हे मियां ने घबराहट में रस्सी पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली, जिसका परिणाम यह हुआ कि टिन शेड के साथ वह भी आसमान में कई फीट ऊपर उड़ गया। वहां मौजूद लोग इस मंजर को देखकर सन्न रह गए। यह दृश्य किसी हॉलीवुड फिल्म की तरह लग रहा था, जहाँ एक इंसान बेबसी में हवा के थपेड़ों के बीच झूल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टिन शेड तो कुछ ही दूरी पर जाकर जमीन पर टकरा गया, लेकिन नन्हे मियां हवा के दबाव के कारण कुछ और देर तक हवा में रहे और फिर काफी ऊंचाई से पथरीली जमीन पर आ गिरे।

अस्पताल में उपचार और गंभीर स्थिति

ऊंचाई से गिरने के कारण नन्हे मियां के शरीर पर बेहद गंभीर चोटें आई हैं। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने बिना समय गंवाए उन्हें पास के जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के प्राथमिक परीक्षण के अनुसार, युवक के दोनों हाथ और पैर बुरी तरह टूट चुके हैं। इसके अलावा सिर और कमर के हिस्से में गंभीर आंतरिक चोटें भी आई हैं। फिलहाल नन्हे मियां अस्पताल के आईसीयू वार्ड में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। चिकित्सा प्रशासन का कहना है कि अगले कुछ घंटे उनकी स्थिति के लिए बेहद नाजुक हैं। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी निरंतर निगरानी कर रही है ताकि उन्हें इस गंभीर संकट से बाहर निकाला जा सके।

सुरक्षा मानकों और अस्थाई निर्माण पर सवाल

इस दिल दहला देने वाली घटना ने शादी-ब्याह और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में इस्तेमाल होने वाले अस्थाई निर्माणों की मजबूती और सुरक्षा मानकों पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। अक्सर टेंट हाउस और आयोजकों द्वारा लगाए जाने वाले टिन शेड और पंडाल बिना किसी तकनीकी मजबूती के खड़े कर दिए जाते हैं, जो तेज हवाओं या आंधी का सामना करने में बिल्कुल भी सक्षम नहीं होते। बरेली की इस घटना ने प्रशासन को भी सचेत किया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम की चेतावनी मिलने पर वे खुले मैदानों या अस्थाई ढांचों के नीचे खड़े होने के बजाय पक्के भवनों में शरण लें। बरेली का यह हादसा भविष्य के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि प्रकृति के प्रकोप को कभी भी कमतर नहीं आंकना चाहिए।

भविष्य की चुनौतियां और सावधानी की आवश्यकता

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण अब अचानक आने वाले चक्रवातों और तेज तूफानों की तीव्रता बढ़ती जा रही है। ऐसे में आम नागरिकों को भी जागरूक रहने की आवश्यकता है। नन्हे मियां का यह हादसा हमें यह भी सिखाता है कि आपात स्थिति में घबराकर किसी भी अस्थाई वस्तु का सहारा लेना जानलेवा साबित हो सकता है। पुलिस विभाग ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है कि क्या विवाह स्थल पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस घटना की चर्चा है और लोग नन्हे मियां के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। इस हादसे की दहशत अब भी स्थानीय लोगों के चेहरों पर साफ देखी जा सकती है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह रिपोर्ट विभिन्न प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, स्थानीय समाचार स्रोतों और प्राप्त तथ्यों के आधार पर तैयार की गई है। रिपोर्ट में दी गई चिकित्सीय स्थिति और घटनाक्रम की विस्तृत जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही है। किसी भी खराब मौसम की स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस रिपोर्ट के आधार पर होने वाले किसी भी व्यक्तिगत, कानूनी या अन्य प्रकार के निर्णयों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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