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प्रादेशिक

ईंधन बचत और पर्यावरण का संदेश: सरकारी वाहनों को छोड़ बस से यात्रा

राजसमंद जिला कलक्टर के नेतृत्व में सभी जिला स्तरीय अधिकारियों ने अलग-अलग वाहनों के बजाय बस से सामूहिक यात्रा कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

By अजय त्यागी
1 min read
ग्राम रथ, राजसमन्द

ग्राम रथ, राजसमन्द

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राजसमंद (शिम्भु सिंह शेखावत)। देश के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा पर्यावरण सुरक्षा, ऊर्जा संरक्षण और ईंधन की फिजूलखर्ची रोकने के राष्ट्रीय आह्वान को धरातल पर उतारते हुए राजसमंद जिला प्रशासन ने शनिवार को एक बेहद अनूठी और अनुकरणीय सामूहिक पहल की है। जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा के नेतृत्व में प्रशासनिक अमले ने एक बड़ा विधिक और सामाजिक संदेश देने का प्रयास किया है। आम दिनों में जहां किसी भी सरकारी दौरे या ग्रामीण निरीक्षण के समय जिला स्तरीय अधिकारियों की दर्जनों गाड़ियों का लंबा काफिला सड़कों पर दौड़ता नजर आता था, वहीं इस बार पूरे दृश्य को पूरी तरह बदल दिया गया। कलेक्ट्रेट परिसर से शनिवार को एक अलग ही नजारा देखने को मिला, जिसने प्रशासनिक कार्यशैली में सादगी और सामूहिकता की एक नई विधिक मिसाल कायम की है।

कलेक्ट्रेट से एक ही बस में सवार होकर चारभुजा के लिए रवाना हुए आला अधिकारी

जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा की इस विशेष और पर्यावरण-हितैषी विधिक कार्ययोजना के अंतर्गत जिले के सभी शीर्ष नीति-निर्माता और प्रशासनिक अधिकारी अपनी चमचमाती वीआईपी गाड़ियों को कलेक्ट्रेट परिसर में ही छोड़कर एक साधारण बस में सवार हुए। इस सामूहिक बस यात्रा में जिला कलक्टर के साथ जिला पुलिस अधीक्षक (SP) हेमंत कलाल, उप वन संरक्षक आर.एन. भाकर, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बृजमोहन बैरवा सहित तमाम विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एक साथ अगल-बगल बैठकर यात्रा पर निकले। जैसे ही अधिकारियों से भरी यह सामूहिक बस कलेक्ट्रेट परिसर से मुख्य सड़क की ओर रवाना हुई, यह अद्भुत दृश्य स्थानीय राहगीरों और आम जनता के बीच गहरी उत्सुकता, आकर्षण और चर्चा का मुख्य विषय बन गया। आम नागरिकों ने इस विधिक सादगी की खुले दिल से सराहना की।

ग्रामीण विकास रथ अभियान के तहत संध्या चौपाल में जनसंवाद और विधिक निर्देश

यह विशेष प्रशासनिक बस यात्रा सीधे प्रसिद्ध धार्मिक और ग्रामीण क्षेत्र चारभुजा-गढ़बोर पहुंची। यहाँ आयोजित ग्राम विकास रथ अभियान के अंतर्गत एक विशाल संध्या चौपाल का आयोजन किया गया था, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया। इस चौपाल के दौरान सभी अधिकारियों ने बिना किसी प्रशासनिक औपचारिकता के सीधे जमीन पर बैठकर ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। चौपाल के दौरान विभिन्न कल्याणकारी सरकारी योजनाओं की विधिक जानकारी आमजन तक पहुंचाई गई। इसके साथ ही, जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों के अभाव-अभियोग और स्थानीय समस्याओं को बहुत ध्यानपूर्वक सुना। मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के विधिक अधिकारियों को कई पुरानी लंबित समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध विधिक निस्तारण के कड़े प्रशासनिक निर्देश जारी किए गए।

सामूहिक परिवहन अपनाने की अपील और जनमानस पर सकारात्मक विधिक प्रभाव

इस अनूठी सामूहिक यात्रा के विधिक उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने ग्रामीण चौपाल को संबोधित किया। उन्होंने पर्यावरण और संसाधन प्रबंधन पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि, “हमारे द्वारा की गई छोटी-छोटी सामूहिक पहलें भी भविष्य में ऊर्जा संरक्षण और वैश्विक पर्यावरण सुरक्षा में एक बहुत बड़ी और निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं; प्रशासन की इस अनूठी यात्रा का मुख्य उद्देश्य आम जनता को निजी वाहनों के स्थान पर सामूहिक परिवहन प्रणालियों को अपनाने के लिए विधिक रूप से प्रेरित करना है, ताकि ईंधन की बढ़ती खपत को रोकने के साथ-साथ पर्यावरण प्रदूषण के स्तर में भी प्रभावी कमी लाई जा सके।” स्थानीय निवासियों ने अधिकारियों के इस कदम को जिम्मेदार नागरिक व्यवहार का एक अत्यंत प्रेरणादायक संदेश बताया, जो समाज में बदलाव की नई विधिक राह प्रशस्त करेगा।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह समसामयिक समाचार रिपोर्ट राजसमंद जिला प्रशासन द्वारा आयोजित की गई सामूहिक विधिक बस यात्रा, जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक द्वारा ग्रामीण चौपाल में दिए गए आधिकारिक विधिक वक्तव्यों और क्षेत्रीय समाचार सोर्सेज द्वारा उपलब्ध कराए गए प्राथमिक विधिक तथ्यों पर पूरी तरह आधारित है। इस ग्राम विकास रथ अभियान के आधिकारिक प्रस्तावों, विभागीय यात्रा विवरणों या जनसमस्याओं के विधिक निस्तारण से जुड़े किसी भी प्रकार के वैधानिक संदर्भ के लिए जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी मूल विधिक प्रेस विज्ञप्ति को ही अंतिम और प्रामाणिक माना जाना चाहिए। इस लेख का मुख्य उद्देश्य केवल जनहित में प्रशासनिक नवाचारों और पर्यावरण सुरक्षा की निष्पक्ष जानकारी प्रदान करना है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस रिपोर्ट के आधार पर होने वाले किसी भी व्यक्तिगत, सामाजिक या कानूनी निर्णय के परिणामों के लिए किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief