वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दुग्धाभिषेक: रविवार को मचेगी प्रसाद लूट
भीलवाड़ा के नौगांवा सांवरिया सेठ मंदिर में पुरुषोत्तम मास से पूर्व अमावस्या पर छप्पन भोग और दुग्धाभिषेक का भव्य आयोजन किया गया।
पंडितों के विशेष सान्निध्य और गूंजते वैदिक मंत्रोच्चार
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। जन-जन की अगाध आस्था और अटूट विश्वास के प्रमुख केंद्र श्री सांवरिया सेठ मंदिर, नौगांवा में पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) के पावन प्रारंभ से ठीक पहले आने वाली अमावस्या तिथि पर श्रद्धा और भक्ति का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। इस पावन और विशेष धार्मिक अवसर पर भगवान ठाकुरजी के दर्शनों के लिए अलसुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं।
पवित्र अमावस्या के इस विशेष पर्व पर संपूर्ण क्षेत्र सांवरिया सरकार की भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। मंदिर ट्रस्ट की ओर से इस बड़े धार्मिक उत्सव को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए व्यापक विधिक और प्रशासनिक प्रबंध किए गए थे, जिससे दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
ठाकुर जी का अलौकिक महाअभिषेक
उत्सव की शुरुआत ब्रह्ममुहूर्त में पंडितों के विशेष सान्निध्य और गूंजते वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान सांवरिया सेठ के अलौकिक दुग्धाभिषेक के साथ हुई। इस दौरान सांवरिया सरकार का दूध, दही, शुद्ध देसी घी, शहद और पवित्र गंगाजल से महाअभिषेक संपन्न कराया गया। ट्रस्ट के सेवादारों ने जानकारी देते हुए बताया कि, “सुबह आयोजित हुए इस भव्य दुग्धाभिषेक कार्यक्रम के मुख्य यजमान शास्त्रीनगर निवासी अशोक कुमार, गिरिराज काबरा, कृष्णगोपाल, रौनक और शिवम राठी रहे।”
महाअभिषेक के पश्चात ठाकुर जी महाराज का स्वर्णिम आभा वाले और रेशमी वस्त्रों से अत्यंत मनमोहक व अलौकिक श्रृंगार किया गया, जिसे देखकर वहां मौजूद हजारों श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और संपूर्ण मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा।
छप्पन भोग और पैदल यात्रा
प्रातः काल की विशेष बेला के बाद दोपहर 11 बजे लोकेश नागर आजादनगर परिवार की ओर से भगवान सांवरिया सेठ को भव्य छप्पन भोग अर्पित किया गया। भगवान को विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट पकवानों, पारंपरिक मिठाइयों, चटपटी चाट-पकौड़ी और कई तरह के ऋतुफलों का नैवेद्य धराया गया। इस अलौकिक दृश्य के दर्शन के लिए गुरला, गाडरमाला, नौगांवा, पुर और बापू नगर सहित आस-पास के दर्जनों गांवों और शहरी इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हाथों में पंचरंगी ध्वज थामे पैदल यात्रा करते हुए मंदिर पहुँचे।
रास्ते में हो रही रिमझिम फुहारों और ठंडी हवाओं के खुशनुमा मौसम के बीच श्रद्धालु ठाकुरजी के भजनों और “हाथी घोड़ा पाल की, जय कन्हैया लाल की” के गगनभेदी जयकारों के साथ झूमते-गाते आगे बढ़ते रहे। मंगला आरती से लेकर देर रात तक भक्तों द्वारा प्रसादी ग्रहण करने का दौर अनवरत चलता रहा।
अन्नकूट और प्राचीन प्रसाद लूट रस्म
इस धार्मिक अनुष्ठान के अगले चरण की जानकारी देते हुए मंदिर ट्रस्ट के विशेष सदस्य श्रवण सेन ने बताया कि आगामी 17 मई को दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर ठाकुर जी की मुख्य राजभोग आरती के तुरंत बाद भव्य अन्नकूट महोत्सव का आयोजन विधिक रूप से किया जाएगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक परंपरा को स्पष्ट करते हुए कहा कि, “सदियों पुरानी और विश्व प्रसिद्ध नाथद्वारा परंपरा का पूरी तरह निर्वहन करते हुए सांवरिया सेठ को अन्नकूट का विशेष भोग लगाया जाएगा, जिसके तुरंत बाद स्थानीय ग्वालों द्वारा पारंपरिक रूप से प्रसाद लूटने की प्राचीन रस्म श्रद्धापूर्वक अदा की जाएगी।”
ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों गिरिराज काबरा, कैलाश डाड और चंद्रप्रकाश आगाल ने बताया कि वर्तमान मौसम को देखते हुए ठंडे पानी और छाया की माकूल व्यवस्था की गई है। संस्था अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडाणी ने सभी भक्तों से इस दिव्य आयोजन में सम्मिलित होने की अपील की है।
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