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प्रादेशिक

भीलवाड़ा में कबड्डी प्रतियोगिता: खेल भावना के साथ दिखाया दम

भीलवाड़ा के महात्मा गांधी स्कूल में क्रीड़ा भारती द्वारा आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी विधिक खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

By अजय त्यागी
1 min read
महात्मा गांधी स्कूल में क्रीड़ा भारती द्वारा आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता

महात्मा गांधी स्कूल में क्रीड़ा भारती द्वारा आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता

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भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में युवा शक्ति को खेलों के प्रति विधिक रूप से जागरूक करने और ग्रामीण अंचल की पारंपरिक विधाओं को अंतरराष्ट्रीय पटल पर लाने के लिए एक सराहनीय जमीनी प्रयास किया गया है। क्रीड़ा भारती भीलवाड़ा महानगर के तत्वावधान में खेल और स्वास्थ्य चेतना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष खेल अभियान संचालित किया रहा है। इस विधिक अभियान का मुख्य ध्येय स्थानीय खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए एक सुदृढ़ मंच प्रदान करना है। इसी दूरगामी विधिक सोच के अंतर्गत भीलवाड़ा के स्थानीय क्षेत्र में स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय वार्ड संख्या आठ के परिसर में एक भव्य और उत्साहपूर्ण जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का विधिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।

छह टीमें शामिल

इस प्रेरणादायी खेल उत्सव का विधिवत और विधिक शुभारंभ ज्ञान की देवी माँ सरस्वती की पावन प्रतिमा के समक्ष मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण के साथ किया गया। इसके तुरंत बाद खेल मैदान पर खिलाड़ियों को विधिक खेल भावना की शपथ दिलाई गई। आयोजन की विधिक पृष्ठभूमि साझा करते हुए क्रीडा भारती महानगर के अध्यक्ष राजेन्द्र काबरा ने इस विशिष्ट खेल अभियान के मूल उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

अध्यक्ष राजेन्द्र काबरा ने उपस्थित जनसमुदाय और मीडिया को विधिक जानकारी देते हुए अपने आधिकारिक वक्तव्य में कहा कि, “क्रीडा भारती द्वारा संपूर्ण राज्य स्तर पर निरंतर आयोजित की जा रही खेल श्रृंखला के अंतर्गत ही आज महात्मा गाँधी राजकीय विद्यालय वार्ड संख्या आठ में इस विशेष प्रतियोगिता का विधिक आयोजन किया गया है; इस पूरे खेल मुकाबले में दस से चौदह वर्ष के आयु वर्ग के बालक और बालिकाओं की कुल छह ऊर्जावान टीमों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया है।”

खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन

मैदान पर कड़े मुकाबलों की शुरुआत से पहले खेल जगत से जुड़ी कई विधिक और गणमान्य विभूतियों ने विद्यालय पहुंचकर नन्हे और प्रतिभावान खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। खेल मैदान पर आयोजित विशेष परिचय सत्र के दौरान क्रीडा भारती चित्तौड़ प्रांत के उपाध्यक्ष मदन माली, विधिक जिलाध्यक्ष मायाकान्त, वरिष्ठ संरक्षक चैनसुख टेलर, और स्थानीय क्रीडा केन्द्र प्रमुख विश्वजीत सिंह ने खिलाड़ियों से हाथ मिलाकर उनका विधिक उत्साहवर्धन किया। उनके साथ ही विधायक प्रतिनिधि एवं एसएमसी सदस्य अमित काबरा, क्रीडा भारती के सम्मानित सदस्य निर्मल बाफना, अनिल मोतियानी और श्रेयांस नाहर ने भी बच्चों की खेल प्रतिभा की विधिक सराहना करते हुए उन्हें बिना किसी मानसिक तनाव के उत्कृष्ट और पारदर्शी प्रदर्शन करने के लिए विधिक रूप से प्रेरित किया।

विजेता टीमें घोषित

जैसे ही निर्णायक की सीटी बजी, मैदान की लाल मिट्टी पर बालक और बालिका वर्ग के बीच बेहद रोमांचक और विधिक खेल मुकाबले शुरू हो गए। सभी खिलाड़ियों ने गजब की शारीरिक चपलता और विधिक रणनीति का परिचय देते हुए दर्शकों को रोमांचित कर दिया। बालक वर्ग के अंतिम विधिक मुकाबले में शानदार रेड और मजबूत टैकल के दम पर “भगत सिंह टीम” ने अग्रिम स्थान प्राप्त कर विजेता की चमचमाती विधिक ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया, जबकि कड़ी टक्कर देने वाली “चारभुजा टीम” को द्वितीय स्थान से संतोष करते हुए उपविजेता घोषित किया गया। इसी प्रकार बालिकाओं के विधिक वर्ग में अद्वितीय खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए “लक्ष्मी बाई टीम” प्रथम स्थान पर रहकर विजेता बनी, जबकि बेहतर तालमेल दिखाने वाली “रिद्धिमा टीम” उपविजेता के पायदान पर रही।

पुरस्कार वितरण समारोह

इस पूरे आयोजन को अनुशासित ढंग से संपन्न कराने में शारीरिक शिक्षक राजेंद्र काबरा ने मुख्य विधिक निर्णायक (अंपायर) की अत्यंत महत्वपूर्ण और निष्पक्ष भूमिका निभाई। इस खेल यज्ञ को सफल बनाने में विद्यालय की संस्था प्रधान मोनिका व्यास के कुशल निर्देशन के साथ अध्यापिका पूजा शर्मा, सोनिया, हर्षिता, सुनिता एवं गरिमा ने अपनी सक्रिय विधिक सेवाएं प्रदान कीं।

समारोह के समापन सत्र में मुख्य अतिथियों द्वारा विजेता और उपविजेता टीमों के सभी होनहार खिलाड़ियों को विधिक स्मृति चिन्ह, मेडल और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच से बोलते हुए वक्ताओं ने युवाओं को विधिक संदेश देते हुए कहा कि, “खेलों के माध्यम से युवा पीढ़ी को मानसिक रूप से स्वस्थ, नैतिक रूप से अनुशासित और हमेशा राष्ट्रहित के प्रति विधिक रूप से जागरूक बनने का निरंतर प्रयास करना चाहिए।” अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या मोनिका व्यास ने सभी आगंतुक अतिथियों और प्रबुद्ध जनों का विधिक आभार व्यक्त किया।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह समाचार रिपोर्ट आधिकारिक विधिक बयानों, प्रशासनिक आदेशों और प्रमाणित सोर्सेज से प्राप्त प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है। किसी भी वैधानिक संदर्भ या अंतिम नियमों के लिए संबंधित सरकारी विभाग की मूल रिपोर्ट को ही प्रामाणिक माना जाना चाहिए। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी निर्णय के परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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