फरीदाबाद में अस्पताल गेट पर प्रसव: एनएचएम निदेशक का बड़ा एक्शन
फरीदाबाद में अस्पताल परिसर के गेट पर महिला के प्रसव मामले में स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर एनएचएम निदेशक ने बड़ी कार्रवाई की है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव
हरियाणा के फरीदाबाद जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। यहाँ के एक सरकारी चिकित्सालय के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक बाहर एक बेबस गर्भवती महिला को खुले में बच्चे को जन्म देना पड़ा। इस फरीदाबाद में अस्पताल परिसर में प्रसव मामले की जानकारी मिलते ही पूरे राज्य के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया। घटना के समय अस्पताल के भीतर मौजूद कर्मचारियों द्वारा समय पर सहायता न मिलने के कारण पीड़िता को इस दर्दनाक और अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ा।
मौके पर जांच
इस बेहद संवेदनशील और गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार तुरंत एक्शन मोड में आ गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव स्वयं जमीनी हकीकत और कमियों का जायजा लेने के लिए फरीदाबाद के संबंधित अस्पताल परिसर में पहुँचे। उन्होंने वहाँ मौजूद मरीजों, प्रत्यक्षदर्शियों और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सा अधिकारियों से घटना के संबंध में गहन पूछताछ की। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद दस्तावेजों और नाइट ड्यूटी के रोस्टर की भी बारीकी से जांच की।
बड़ी कमियां उजागर
जांच के पहले ही चरण में अस्पताल प्रशासन और वहां तैनात स्टाफ की कई गंभीर और अक्षम्य खामियां खुलकर सामने आई हैं। एनएचएम निदेशक ने पाया कि आपातकालीन समय में मरीजों को दी जाने वाली बुनियादी सेवाओं में बड़ी लापरवाही बरती जा रही थी।
निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव ने स्थिति स्पष्ट करते हुए अपने आधिकारिक बयान में कहा कि, “मैं यहाँ स्वास्थ्य मंत्री के कड़े निर्देशों पर मामले का जायजा लेने पहुँचा हूँ, जहाँ जाँच में कुछ बड़ी कमियाँ सामने आई हैं, जिनमें घटना के समय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की अनुपलब्धता और स्टाफ नर्स का बेहद खराब व्यवहार मुख्य कारण पाया गया है।”
सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई
सरकारी व्यवस्था में इस प्रकार की अमानवीय लापरवाही को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने तुरंत सख्त रुख अपना लिया है। ड्यूटी से नदारद रहने वाले कर्मचारियों और मरीजों से संवेदनहीन व्यवहार करने वाले स्टाफ के खिलाफ बड़ी विधिक और प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली गई है।
निदेशक ने दोषियों को कड़ा संदेश देते हुए आगे कहा कि, “अस्पताल में लापरवाही बरतने वाले दोनों दोषी कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन सहित सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है, और इस संबंध में आधिकारिक आदेश अगले कुछ ही घंटों के भीतर जारी कर दिए जाएंगे।”
गेट खोलने के निर्देश
इस दर्दनाक घटना से सबक लेते हुए एनएचएम निदेशक ने भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को रोकने के लिए अस्पताल प्रबंधन को एक बेहद महत्वपूर्ण और तत्काल प्रभाव वाला आदेश जारी किया है।
उन्होंने सुरक्षा और आपातकालीन पहुंच को सुगम बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि, “चिकित्सालय के दो मुख्य द्वारों में से एक गेट रात के समय अक्सर बंद रखा जाता था, लेकिन अब हमने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि रात की सेवा के दौरान अस्पताल का कोई भी गेट बंद नहीं रखा जाएगा।” इस आदेश से आपातकालीन मरीजों को तुरंत प्रवेश मिल सकेगा।[1]
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
यह समाचार रिपोर्ट आधिकारिक बयानों, प्रशासनिक आदेशों और प्रमाणित सोर्सेज से प्राप्त प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है। किसी भी वैधानिक संदर्भ या अंतिम नियमों के लिए संबंधित सरकारी विभाग की मूल रिपोर्ट को ही प्रामाणिक माना जाना चाहिए। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी निर्णय के परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।
VIDEO | On a woman giving birth in hospital premises in Faridabad, NHM Director Dr Virender Yadav says, "An incident took place, where a delivery happened just outside the hospital gate. I am visiting to take stock of the matter. After arriving, some shortcomings came to light. I… pic.twitter.com/RvEy8ywE3M
— Press Trust of India (@PTI_News) May 17, 2026